महात्मा गांधी से प्रेरित था अमेरिका में हुआ मार्च: ओबामा
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि देश ने जो प्रगति की है, उसे देखकर मार्टिन लूथर किंग कई मायनों में चकित होते। ओबामा ने यह बात ऐसे समय में कही है, जब वाशिंगटन मार्टिन लूथर किंग के उस ऐतिहासिक मार्च की तैयारी में जुटा हुआ है, जो महात्मा गांधी से प्रेरित था। ओबामा ने आगे कहा कि किंग फिर भी इससे संतुष्ट नहीं होते।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका में नागरिक अधिकारों के अगुआ रहे मार्टिन लूथर किंग ने 28 अगस्त, 1963 को वाशिंगटन के लिंकन मेमोरियल पर नौकरियों और आजादी के लिए 'मेरे पास एक सपना है' जैसा ऐतिहासिक भाषण दिया था। ओबामा ने बुधवार के आयोजन का समापन भाषण उस स्थान पर दिया, जहां पर किंग ने 1963 में ऐतिहासिक भाषण दिया था। ओबामा ने एक राष्ट्रीय रेडियो कार्यक्रम टॉम जॉयनर मार्निग शो में एक साक्षात्कार में ये टिप्पणियां की।

ओबामा ने कहा, "जब बात अर्थव्यवस्था, असमानता, संपत्ति, शहरों की चुनौती जैसे विषयों की आती, तो किंग कहते कि हम नागरिक, सामाजिक क्षेत्रों की तुलना में इन क्षेत्रों में उतनी प्रगति नहीं कर पाए हैं, और यह भी कि केवल एक अश्वेत राष्ट्रपति होना ही पर्याप्त नहीं है।" ओबामा ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि उनके भाषण उतने बेहतर नहीं होते, जितना किंग का 1,600 शब्दों का भाषण था। जिसे 20 सदी के सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाषणों में से एक माना जाता है। अमेरिका में नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष में वह एक महत्वपूर्ण क्षण था।
ओबामा ने कहा, "जब आप किंग के वाशिंगटन मार्च के भाषण के बारे में बात करते हैं तो आप अमेरिकी इतिहास के संभवत: पांच सबसे बेहतरीन भाषणों के बारे में बात कर रहे होते हैं। और उस क्षण उन्होंने जो शब्द कहे, उनमें उस पीढ़ी की उम्मीदें और सपने समाहित थे। मेरा मानना है कि वह अतुलनीय है।"












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