भारतीय मुद्रा अब 65.56 रूपये प्रति डॉलर

रुपये में लगातार छठे सत्र में कमजोरी दर्ज की गई है और लगातार पांचवें सत्र में इसने नया ऐतिहासिक निचला स्तर छुआ। बुधवार को रुपया 86 पैसे की गिरावट दर्ज करते हुए डॉलर के मुकाबले 64.11 के स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द से जल्द यहां तक कि अगले महीने से ही प्रोत्साहन की वापसी शुरू करने का संकेत देने से मुद्रा में कमजोरी दर्ज की गई।
प्रोत्साहन की वापसी से पूंजी बाजार से और भी अधिक पूंजी का बाहर की ओर प्रवाह होगा, जिससे मुद्रा पर और दबाव बनेगा। फेडरल रिजर्व द्वारा प्रोत्साहन की वापसी का संकेत देने पर इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड सहित कई अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं में भी कई सालों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार द्वारा कई कदम उठाने के बाद भी रुपये में कमजोरी जारी है।
रिजर्व बैंक ने कई अन्य कदमों के अलावा अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) से पूंजी आकर्षित करना तथा शेयर और बांड में पोर्टफोलियों निवेश को भी आसान कर दिया है। रूपये की गिरावट के बारे में भारत के वित्तमंत्री पी चिंदबरम ने कहा था कि रूपये का अवमूल्यन कोई चिंता की बात नहीं है, यह जल्द ही संभल जायेगा।












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