साबित हुआ तो हर प्रकार की सजा के लिये तैयार श्रीप्रकाश
नयी दिल्ली। कोल ब्लॉक स्कैम मामले में मंत्रालय से गायब हुई फिलों के बाद विपक्ष ने कांग्रेस को निशाने पर ले लिया है। कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ी फाइलों के गायब होने के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी पार्टी भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाने पर लिया।
हंगामा इतना बढ़ा कि दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा, राज्यसभा के स्थगित होने के बावजूद भी अभी टकराव की स्थिति चली नहीं है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने इस मसले पर प्रधानमंत्री से सदन में आकर बयान देने की मांग की। जबकि सरकार का कहना है कि जबाव प्रधानमंत्री नहीं बल्कि कोयला मंत्री देंगे।

कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का खारिज करते हुए कहा कि 'मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं वे गलत हैं। कोयला मंत्री ने साफ किया कि अगर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर वे मेरे खिलाफ सिद्ध होते हैं तो कोई भी सजा भुगतने को तैयार हूं। अगर आरोप साबित नहीं होते हैं, तो नेता विपक्ष अपने लिए क्या हर्जाना देंगे?
दरअसल कोयला ब्लॉक से जुड़ी 147 फाइलें मंत्रायल से गायब हो गई है। विपक्ष पीएम को घेरने में लगा हुआ है तो वहीं सरकार पीएम का बचाव कर रही है। भारी हंगामें के बीच कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने जबाव देते हुए कहा कि हमने कोयला मंत्रालय को घोटाले में दर्ज 13 एफआइआर से जुड़े दस्तावेजों के लिए मई, 2013 में पत्र लिखा था। हमें अब तक मंत्रालय के जवाब का इंतजार है।'












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