अब राखी बाजार में भी एक दूसरे को टक्कर देने के लिये 'नीतीश' और 'मोदी' आमने-सामने
पटन। ऐसे तो राजनीति में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी विभिन्न मामलों को लेकर आमने-सामने आते रहे हैं परंतु बिहार में इस वर्ष रक्षाबंधन के मौके पर राखी बाजार में भी ये दोनों नेता एक-दूसरे को पटखनी देने की तैयारी में हैं। पटना के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मुहल्लों तक में अस्थायी रूप से राखियों की दुकानें खुल गई हैं, जिसे आकर्षक रूप से सजाया गया है। लेकिन इन तमाम राखियों का मुख्य स्रोत पटना के मच्छरहट्टा बाजार है।
इस वर्ष राखियों के मूल्यों में 15 से 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस वर्ष राखी बाजार में नीतीश और मोदी के चित्र वाले राखियों की मांग अच्छी खासी देखी जा रही है। राखी के थोक कारोबारी आशुतोष केसरी कहते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक पटनिया राखी का खूब प्रचलन था परंतु अब दिल्ली, मुंबई, कोलकता और सूरत की राखियां बाजार में आ गई हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों की पसंद वाली टेडी वियर राखियां 25 से 150 रुपये दर्जन तक में यहां बिक रही हैं तो रेशम डोरी की राखियां 60 से 300 रुपये तक में उपलब्ध हैं।

वे कहते हैं कि इस वर्ष अगले लोकसभा चुनाव को लेकर भी राखी बाजार में भी तैयारी की गई है। राखी कारोबारी सत्य नारायण कहते हैं कि फैंसी राखी बाजार में नीतीश और मोदी के अलावे राहुल गांधी, अन्ना हजारे सहित अन्य क्रिकेट खिलाड़ियों के चेहरे वाली राखी उपलब्ध है। मोदी के चित्र वाली राखी की अधिक मांग है तो नीतीश की राखी भी मोदी के चित्र वाले राखी को अच्छी टक्कर दे रही है।
उन्होंने बताया कि दोनों चर्चित नेताओं के नामों वाली राखी की कीमत खुदरा बाजार में 20 से 80 रुपये प्रति राखी बिक रही है। राहुल गांधी वाले चित्र की राखी की भी मांग भाई-बहनों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए बाजार में मिकी माउस, छोटा भीम, स्पाइडर मैन, गणेशा आदि राखियां हैं जो कम उम्र के भाई-बहनों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। कम उम्र के भाई-बहनों के लिए छोटा भीम वाली राखी पहली पसंद बनी हुई है।
इधर, कुछ व्यापारियों का मानना है कि इस रक्षाबंधन में महंगाई की मार पड़ी है। व्यापारी मानते हैं कि राखी के कई दिन पहले से राखियों की दुकानें सज जाती थी परंतु इस वर्ष रक्षाबंधन के तीन-चार दिन बचे हैं परंतु बाजार में ग्राहक नहीं हैं। इधर, रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए मिठाई दुकानों की भी तैयारी अंतिम चरण में है, हालांकि मिठाई दुकानदारों में भी रक्षाबंधन को लेकर विशेष उत्साह नहीं है।
पटना के चर्चित किशन स्वीट्स के मालिक बताते हैं कि मिठाई की किस्में तो अवश्य बढ़ा दी गई हैं, परंतु उतनी मात्रा में मिठाइयां नहीं तैयार कराई जा रही हैं जो कुछ साल पहले तक तैयार कराई जाती थी। उन्होंने बताया कि काजू बाइट, पिस्ता बाइट, मेवा बाइट, काजू स्ट्राबेरी, को खास तौर पर रक्षाबंधन को देखते हुए तैयार किया जा रहा है। रक्षा बंधन के दिन भाई और बहन को एक दूसरे को मिठाई खिलाने का चलन है। उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन सावन महीने के अंतिम दिन यानी पूर्णिमा को मनाया जाता है। दो दिन पूर्णिमा होने के कारण इस वर्ष रक्षा बंधन दो दिन मनाए जाने की संभावना है। परंतु अधिकतर पंडितों ने 21 अगस्त को रक्षाबंधन का अच्छा संयोग बताया है।












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