बिहार रेल हादसे में मरने वालों में ज्यादातर कांवड़िए

हादसा उस वक्त हुआ जब कात्यायनी मंदिर में दर्शन के बाद लोगों का एक बड़ा जत्था रेलवे ट्रैक पार कर रहा था कि तबी दूसरी ओर से आ रही तेज रफ्तार राज्यरानी एक्सप्रेस ने 24 लोगों को कुचल दिया। हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग ट्रेन की चपेट में आने की वजह से गंभीर रुप से घायल हो गए।
हादसे की खबर मिलते ही रेल एसपी घटनास्थल की ओर रवाना हो गये हैं। वहीं हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने ट्रेन में आग लगा दी और ट्रने के ड्राइवर को बंधक बना लिया। राहत बचाव कार्य में देरी को लेकर लोगों का हंगामा अब भी जारी है। आक्रोशित लोगों ने रेलवे ट्रेक को बाधित कर रखा है। इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो चुकी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई कांवड़िए सुबह गंगा नदी से जल भर कर कत्यायिनी स्थान और मतेश्वर धाम जा रहे थे। ये सभी धमारा स्टेशन के पास रेलवे लाइन पार कर रहे थे तभी सहरसा से पटना जा रही राजरानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
इधर, कटिहार और सहरसा से रेलवे एवं स्थानीय पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं, जहां जाने का एकमात्र साधन रेल है।












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