लालन कॉलेज से लाल किला : तो मोदी होंगे पहले ‘आजाद प्रधानमंत्री’
अहमदाबाद (कन्हैया कोष्टी)। गुजरात में नरेन्द्र मोदी और रिकॉर्ड एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। सबसे लम्बे शासन का रिकॉर्ड हो या फिर जग-प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा में पहिंद विधि करने का रिकॉर्ड। अपने समर्थकों की तरफ से ही नहीं, बल्कि विरोधियों को भी प्रशंसा के लिए विवश करने की बात हो। हर मामले में मोदी और रिकॉर्ड एक-दूसरे का पर्याय बनते रहे हैं। अब जबकि मोदी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है, तो एक और रिकॉर्ड उनके दिल्ली पहुँचने का इंतजार कर रहा है।
नरेन्द्र मोदी भारतीय जनता पार्टी की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं और पार्टी के भीतर उनका अगला पड़ाव लोकसभा चुनाव 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनना है। हालाँकि पार्टी ने अभी उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन सुगबुगाहट तो गुजरात विधानसभा चुनाव 2012 में भारी जीत के बाद ही शुरू हो गई थी।

अब आपके जेहन में सवाल उठ रहा होगा कि लालन कॉलेज और लाल किला तथा आजाद प्रधानमंत्री जैसे शब्दों के पीछे क्या रहस्य है? हकीकत में ये सारे शब्द केवल शब्द नहीं, बल्कि एक मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री की ओर नरेन्द्र मोदी की यात्रा के पड़ाव हैं।
दरअसल स्वतंत्रता दिवस आ रहा है और गुजरात में अक्टूबर-2001 में मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी लगातार स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह राज्य की आर्थिक-राजकीय राजधानी यानी अहमदाबाद-गांधीनगर से बाहर जिला मुख्यालयों पर आयोजित करते आ रहे हैं। 2003 से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार जारी है और इसी कड़ी में आगामी 15 अगस्त, 2013 को राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह कच्छ में होने जा रहा है।
कच्छ जिला मुख्यालय भुज में यह स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा, जहाँ लालन कॉलेज परिसर में नरेन्द्र मोदी ध्वज फरहराएँगे। वैसे तो यह एक आम स्वतंत्रता दिवस समारोह की तरह ही होगा, परंतु ऐसे में जबकि मोदी को प्रधानमंत्री पद के रूप में पेश किए जाने की संभावनाएँ हैं, लोगों के जेहन में 15 अगस्त, 2014 को लेकर अटकलें उभरना स्वाभाविक है। अगले साल जब स्वतंत्रता दिवस आएगा, तब लोकसभा चुनाव 2014 निपट चुके होंगे और यदि धारणा के मुताबिक नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए, तो स्पष्ट होगा कि मोदी 15 अगस्त, 2014 को लाल किले पर तिरंगा फहराएँगे।
अब बात करते हैं उस रिकॉर्ड की। यदि नरेन्द्र मोदी मई 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव के बाद देश के प्रधानमंत्री बने, तो उनके नाम एक अनूठा रिकॉर्ड कायम हो जाएगा। नरेन्द्र मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री होंगे, जिनका जन्म स्वतंत्र भारत में हुआ है। देश में पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह तक जितने भी प्रधानमंत्री बने हैं, उन सबका जन्म स्वतंत्रता से पूर्व यानी 15 अगस्त, 1947 से पूर्व हुआ है, जबकि नरेन्द्र मोदी यदि प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वे देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री होंगे, जिनका जन्म 15 अगस्त, 1947 के बाद हुआ है।
उल्लेखनीय है कि नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितम्बर, 1950 को गुजरात में मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। अगले ही महीने नरेन्द्र मोदी 63वां जन्म दिन मनाएँगे।
भारत के प्रधानमंत्रियों की जन्म तिथि
जवाहरलाल नेहरू - 14 नवम्बर, 1889
गुलजारीलाल नंदा - 4 जुलाई, 1898
लाल बहादुर शास्त्री - 2 अक्टूबर, 1904
इंदिरा गांधी - 19 नवम्बर, 1917
मोरारजी देसाई - 29 फरवरी, 1896
चरण सिंह - 23 दिसम्बर, 1902
राजीव गांधी - 20 अगस्त, 1944
विश्वनाथ प्रताप सिंह - 25 जून, 1931
चंद्रशेखर - 1 जुलाई, 1927
पी. वी. नरसिंह राव - 28 जून, 1921
अटल बिहारी वाजपेयी - 25 दिसम्बर, 1924
एच. डी. देवेगौड़ा - 18 मई, 1933
इंद्रकुमार गुजराल - 4 दिसम्बर, 1919
मनमोहन सिंह - 26 सितम्बर, 1932












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