INS अरिहंत का संयंत्र चालू, प्रधानमंत्री ने लंबी छलांग बताया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत की पहली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के परमाणु संयंत्र का सक्रिय होना स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षमताओं की ओर प्रगति की दिशा में एक लंबी छलांग को प्रदर्शित करता है। आईएनएस अरिहंत का परमाणु संयंत्र चालू करके भारत ने इस पनडुब्बी को संचालन योग्य बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है।
सूत्रों ने बताया कि अरिहंत का परमाणु संयंत्र शुक्रवार की रात से ही चालू हो गया और अब पनडुब्बी अपनी ऊर्जा से संचालित है। पनडुब्बी को संचालन योग्य बनाने की दिशा में परमाणु संयंत्र का संचालन एक महत्वपूर्ण कदम है। सूत्रों ने कहा कि संचालन योग्य बनाने से पहले पनडुब्बी का व्यापक समुद्री परीक्षण किया जाएगा। आईएनएस अरिहंत इस समय आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के नौसेना के अड्डे पर परीक्षणों के दौर से गुजर रही है।

प्रधानमंत्री ने एक बधाई संदेश में आईएनएस अरिहंत के संयंत्र को चालू करने से जुड़े सभी वैज्ञानिकों और रक्षा कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि भारत की प्रथम स्वेदश निर्मित परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत का परमाणु संयंत्र अब सक्रिय हो गया है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों खासकर अणु ऊर्जा विभाग, भारतीय नौसेना और रक्षा शोध और विकास संगठन को इस अवसर पर बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आईएनएस अरिहंत के शीघ्र कार्य संचालन का इच्छुक हूं।












Click it and Unblock the Notifications