बिना IAS के भी चला लेंगे यूपी, केंद्र सभी को वापस बुला ले: रामगोपाल
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता राम गोपाल यादव ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की आवश्यकता नहीं है। सपा नेता ने यहां संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कहने वाली है कि हमें अपने राज्य में आईएएस अधिकारियों की आवश्यकता नहीं है। सभी को वापस बुला लें, हम अपने राज्य के अधिकारियों से काम चला लेंगे। राज्यसभा सांसद का यह बयान नोएडा में बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाली निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के खिलाफ आरोप-पत्र दायर करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के बाद आया है।
यादव ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश सरकार से सभी आईएएस अधिकारियों को वापस बुला सकती है। इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखे जाने के बाद प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा कि नागपाल के मामले को कानून के अनुसार निपटाया जाएगा। नोएडा की एसडीएम और आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के सस्पेंशन को लेकर खासा किरकिरी करा चुके अखिलेश यादव सरकार अब अपने फैसले पर अड़ गई है। अखिलेश सरकार ने दुर्गा शक्ति के निलंबन के फैसले पर दुर्गा को चार्जशीट सौंप दी है।

चार्जशीट में बताया गया है कि दुर्गा शक्ति को क्यों निलंबित किया गया। अखिलेश सरकार ने अपने चार्जशीट में दुर्गा शक्ति की प्रशासनिक क्षमता और सूझबूझ पर सवालिया निशान उठाया है। सरकार ने दुर्गा शक्ति से 15 दिनों के अंदर चार्जशीट का जवाब मांगा है। यूपी सरकार ने अपने चार्जशीट में दुर्गा शक्ति नागपाल पर 27 जुलाई को एक मस्जिद की दीवार गिराने का आदेश देकर सांप्रदायिक सदभाव को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। अपनी चार्जशीट में सरकार ने कहा है कि, रमजान के महीने में, जब सांप्रदायिक भावना काफी ज्यादा होती है, ऐसे में दुर्गा शक्ति नागपाल ने मस्जिद की दीवार को गिराने का आदेश दिया। चार्जशीट के मुताबिक, नागपाल का निर्णय गलत समय लिया गया और इसमें दूरदृष्टि का अभाव था। इसके अलावा चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि दुर्गा शक्ति ने यह दिखाया है कि उसमें प्रशासनिक सूझबूझ की कमी है।












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