किराए की कोख पर लगेगा सरकारी पहरा, 3 से ज्यादा बच्चे पर लगी रोक
नयी
दिल्ली। सेरोगेसी से संबंधित कानून के अभाव में भारत में ये धंधा तेजी से फलफूल रहा था। बच्चा पैदा करने में अक्षम दंपत्तियों के लिए वरदान साबित होने वाला ये सेरोगेसी कानून भारत में गोरखधंधे की तरह चल रहा है। कानून नहीं होने के कारण सरकार भी इस पर नकेल नहीं कस पा रही है। किराए की कोख के जरिए भारतीय महिलाओं का शोषण बढ़ता जा रहा है, लेकिन अब सरकार ने इसे रोकने के लिए सख्त कानून बनाने का मसौदा तैयार कर लिया है। id="toptextpromo">केन्द्र
सरकार जल्द ही भारत में सेरोगेसी को लेकर नया कानून बनाने जा रही है। केन्द्र सरकार द्वारा बनाए जा रहे इस कानून के बाद भारत में महिलाएं अपने बच्चों सहित तीन संतानों के सफल जन्म के बाद सरोगेट मां नहीं बन सकेंगी। सेरोगेसी में लिप्त महिलाओं के स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये कानून बनाने का फैसला किया है। इस कानून के बाद यह सेरोगेट मदर के लिए अपने बच्चों समेत केवल तीन बच्चों को पैदा करने का अधिकार होगा। इसके अलावा दो बच्चों के जन्म में कम से कम दो साल का अंतर रखना भी अनिवार्य होगा। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>अगर
पैसे की लालच में या फिर किसी दूसरे कारणों के कारण से इन गाइडलाइनों को पालन नहीं होता तो इस कानून के उल्लंधन पर भारी जुर्माना भी लगेगा। सरोगेसी पर नियंत्रण के लिए ये प्रावधान प्रस्तावित असिस्टेड रीप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजीज विधेयक के मसौदे में किए गए हैं। इस बिल के मुताबिक सेरोगेसी के लिए महिलाओं के उम्र सीमा को भी निर्धारित किया गया है। इस बिल के बाद 21 साल से कम और 35 साल से अधिक उम्र की कोई भी महिला सरोगेट मां नहीं बन सकेगी। इसके अलावा इस विधेयक में विदेशी दंपत्तियों द्वारा भारत में सरोगेट किराए पर लिए जाने से संबंधित नियमों का भी उल्लेख किया गया है। ये विधेयक मानसूत्र में संसद में पेश किया जाएगा।











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