सपा नेता ने खोली अखिलेश की पोल, कहा 41 मिनट में दुर्गा को करवाया सस्पेंड

लखनऊ। नोएडा के एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को लेकर यूपी सरकार की किरकिरी जगजाहिर हो गई है। दुर्गा शक्ति नागपाल को किस वजह से अपने पद से निलंबित किया गया इसकी धुंधली तस्वीर सबके सामने आ गयी है। दुर्गा के सस्पेंशन के मुद्दे पर यूपी सरकार और प्रशासन एक-दूसरे पर आक्रमण करने के मूड मे आ गए है। जहां गौतमबुद्धा नगर के डीएम ने दुर्गा के निलंबन पर सवाल खड़ा कर यूपी सरकार को कठघरे में ला दिया तो वहीं अखिलेश सरकार अपने फैसले पर ताल ठोक रही है।

इस बीच एक नए खुलासे ने सपा सरकार की नींद हराम कर दी है। आईएएस अधिकारी के निलंबन में फंसी सरकार के सामने एक नयी मुसिबत खड़ी हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता और यूपी एग्रो के चेयरमैन नरेंद्र भाटी ने दावा किया है कि उन्होंने आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड करवाया। 28 जुलाई को एक जनसभा में भाटी ने कहा कि आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को उन्होंने ही सस्पेंड कराया था। भाटी ने दावा किया कि उन्होंने दुर्गा के निलंबन के लिए सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह और सीएम अखिलेश यादव से बात की और 40 मिनट के अंदर एसडीएम दुर्गा शक्ति को सस्पेंड कर दिया गया।

SP leader said that he got IAS officer Durga suspended within 40 minutes

कैमरे में कैद हुई नरेंद्र भाटी के इस बयान के बाद यूपी सरकार जबाव देने की स्थिति में नहीं है। जनसभा के बीच में महिला आईएसएस अधिकारी के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए नरेन्द्र भाटी के कहा कि मेरी माननीय मुलायम सिंह जी से बात हुई है। फिर माननीय अखिलेश जी से 10 बजकर 30 मिनट पर बात हुई है और फिर 11 बजकर 11 मिनट पर एसडीएम का सस्पेंशन ऑर्डर यहां कलेक्टर के पास रिसीव हो गया। यह है लोकतंत्र की ताकत। मैं आपको बताना चाहता हूं कि जिस औरत ने यहां इतनी बेहूदगी की वो उसे 40 मिनट भी नहीं झेल पाई।

दुर्गा शक्ति के सस्पेंशन पर अपनी पीठ ठोकते हुए नरेन्द्र भाटी ने कहा कि अगर कोई अच्छा काम करे तो उसे धन्यवाद भी करना चाहिए कोई, ख़राब काम करे तो उसे दंड भी मिलना चाहिए, यही लोकतंत्र की परंपरा है। अपनी सिफारिशों और यूपी सरकार की नाकामी को लोकतंत्र की महिमा का नाम देकर भाटी जनसभा में अपना गुणगान करते रहे।

वहीं अपनी गलती मामने के बजाए समाजवादी पार्टी और उनकी सरकार दोनों का यह मानना है कि मस्जिद की दीवार मुसलमानों के द्वारा गिराए जाने की जो रिपोर्ट डीएम ने बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अधिकारियों पर सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है। 41 मिनट के इस खेल ने प्रदेश की समाजवादी सरकार की पोल खोल कर रख दी है। भाटी के खुलासे और डीएम की रिपोर्ट से एक बात तो साफ है कि आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल सपा नेताओं के गोरखधंधे के लिए खतरा बन गई थी और उसे उसकी ईमानदारी की सजा मिली है।

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