खतरनाक मोहब्बत: शादी से इंकार करने पर युवती के चेहरे पर फेंका तेजाब
गाजियाबाद। किसी सच ही कहा है कि इश्क जब एक तरफ हो तो सजा देता है। इकतरफा इश्क का एक ऐसा ही मामला दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद में सामने आया है। यहां के विजय नगर इलाके में बाइक सवार दो युवकों ने एक युवती पर तेजाब फेंक दिया। युवती की हालत बेहद नाजुक है और उसे गाजियाबाद के एमएमजी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि युवक पीडि़ता की जान पहचान का है और पहले भी उसका युवती से झगड़ा हो चुका है।
फिलहाल इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की छानबीन जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना आज सुबह 11 बजे की है। 22 साल की एक युवती विजय नगर के एक अपार्टमेंट में नौकरानी का काम करती है। पुलिस ने बताया कि आज सुबह महिला काम पर जा रही थह तभी अपार्टमेंट के बाहर एक युवक बाइक पर आया और महिला के चेहरे पर तेजाब फेंक कर फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि मामला इकतरफा मोहब्बत का है। युवक उस युवती से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था।
युवक पहले भी लड़की के सामने शादी का प्रस्ताव रख चुका था मगर युवती ने उसे साफ मना कर दिया था। उसके बाद उसने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने बताया कि युवक की शिनाख्त कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिये संभावित जगहों पर छापेमारी की जा रही है। वहीं युवती की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले कुछ घंटे उसके लिये बेहद अहम हैं क्योंकि तेजाब ने उसके चेहरे को अंदर तक जला दिया है।

महिला अध्ययन संस्थान के डा. अमित कुमार पांडे
लखनऊ विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं रिसर्च ऑफीसर डा. अमित कुमार पांडे का कहना है कि कानून और नियम बनाने से ऐसी घटनाएं नहीं रोकी जा सकती हैं, जो भी समाज में रहने वाले लोग हैं, उनकी सोच लाने में बदलाव लाने की जरूरत है। असल में महिलाओं को दोयम दर्जा मिला हुआ है औरत को ह्यूमन बींग की तरह ट्रीट करने की की जरूरत है, आषर्कषण का केंद्र समझना बंद करना होगा।

डा. आलोक चांटिया, काउंसिलर, इग्नू
इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी के काउंसिलर एवं श्री जयनारायण पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डा. आलोक चांटिया का कहना है कि तेजाब की बिक्री रोकना है, तो देश के हर घर तक 24 घंटे बिजली पहुंचानी होगी, क्योंकि आज हर घर में इंवर्टर है, जिसमें लगने वाली बैटरी में नमक का तेजाब तो चाहिये ही होता है। जहां बिजली नहीं है, वहां हर घर में तेजाब की एक बोतल जरूर रखी है।

क्या कहता है विज्ञान
बतौर मानवशास्त्री डा. अलोक चांटिया ने कहा कि दो प्रकार के समाज होते हैं-
होमोजीनस और हेट्रोजीनस। नौकरी की तलाश में या शिक्षा ग्रहण करने के लिये जब आप अपने शहर से बाहर जाकर पढ़ते हैं, तो आप हेट्रोजीनस समाज में रह रहे होते हैं, वहां आपके अंदर से भावनाएं खत्म सी हो जाती हैं, सिर्फ नेचुरल अट्रैक्शन रह जाता है। वही नेचुरल अट्रैक्शन ऐसी वारदातों को बढ़ावा देता है।

कैसे मिले निदान
डा. चांटिया ने कहा कि चाहे तेजाब फेंकने की घटना हो या बलात्कार। अपराध को रोकना है तो सरकार को हर क्षेत्र का बराबर से विकास करना होगा, हर जगह बराबर से नौकरियां उपलब्ध करानी होंगी। ताकि माइग्रेशन रुक सके। और एक बार माइग्रेशन रुक गया तो अपराध खुद-ब-खुद कम हो जायेगा।

क्या सोचती है एक महिला
बेंगलुरु की रहने वाली अंकुर शर्मा ने कहा कि कानून सख्त बने वरना सोचिए जिस दिन महिला ने पलटकर तेजाब से वार करना शुरू कर दिया, तो तेजाब को हथियार बनाने वाले पुरूषों का क्या होगा? सरकार को सल्फाज की तरह तेजाब की बिक्री पर रोक लगा देनी चाहिए। क्योंकि जिस दिन धरती का धैर्य डगमगाता है तो भूंकप आ ही जाता है फिर किसी का भी बचना मुश्किल नहीं नामुमकिन होता है। ऐसा हुआ तो देश में हिंसा और अपराध भी कई गुनी बढ़ जायेगा।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का नियम
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों के तेजाब खरीदने पर रोक लगाते हुए आदेश दिया है कि 18 साल से अधिक आयु के उन्हीं लोगों को तेजाब बेचा जाए, जिनके पास वैध पहचान पत्र हो और उसे इस्तेमाल का मकसद भी बताना होगा। तेजाब विक्रेता को तीन दिनों के अंतराल पर बिक्री का ब्योरा स्थानीय पुलिस को देना होगा। तेजाब के अघोषित स्टॉक को जब्त किया जा सकता है और विक्रेता पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।












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