अब औकात में रहेगा चीन, बार्डर पर तैनात होंगे 50 हजार अतिरिक्‍त जवान

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ कर रहे पड़ोसी चीन को जवाब देने के लिये सरकार ने वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर सेना की युद्धक क्षमता को प्रोत्‍साहन देते हुए एक कोर के गठन को हरी झंडी दे दी है। जी हां चीन की हेकड़ी बंद करने के लिये 65000 करोड़ रुपये के खर्च से चीन की सीमा पर 50 हजार अतिरिक्‍त सैनिकों की तैनाती होगी। सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई में रक्षा मामलों से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति ने अपने बैठक में इस अहम और बेहद जरुरी प्रस्‍ताव को मंजूरी दी है।

इस योजना के तहत 13 लाख सैन्‍यकर्मियों वाली सेना पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में नई कोर का मुख्‍यालय खोल सकती है। जानकारी के मुताबिक बिहार एवं असम में उनके दो डिवीजन होंगे जबकि जम्‍मू कश्‍मीर के लद्दाख से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक अन्य इकाइयां होंगी। जानकारी के मुताबिक वायुसेना भी अपने हल्के C-130 J हर्क्यूलिस विमान तैनात कर सकती है। ये कोर अगले 7 सालों में तैयार हो जाएगी।

Indo-China Border
उल्‍लेखनीय है कि फिलहाल भारतीय फौज के पास तीन हमलावर कोर हैं, जिन्हें पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इन तीनों कोरों के मुख्यालय मथुरा, अंबाला और भोपाल में हैं। ये तीनों कोर रेगिस्तान और मैदानी इलाके में युद्ध के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं। चीनी खतरे को ध्यान में रखकर बनाई जाने वाली सेना की ये पहली हमलावर कोर होगी। इस कोर में शामिल सैनिकों को पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में युद्ध के लिए खासतौर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। क्योंकि चीन और भारत के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ी इलाकों में ही है।
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