मोदी सांप्रदायिक नेता नहीं पर मनमोहन बेइमान: अन्ना हजारे
इंदौर। गांधीवादी विचारधारा वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिये एक राहत भरा बयान दिया है। अपनी जनतंत्र यात्रा के आखिरी दिन मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे अन्ना हजारे ने कहा कि वो नरेन्द्र मोदी को सांप्रदायिक नहीं मानते। अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी के सांप्रदायिक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में अन्ना हजारे ने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
अन्ना हजारे ने कहा कि प तो कांग्रेस गुणवत्ता पर चल रही है और ना ही कांग्रेस। अन्ना ने कहा कि कोयले घोटाले में भाजपा ने कोई विरोध नहीं किया। इस घोटाले के बाद से ये भी साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इमानदार नहीं है। इस मामले में सीबीआई की रिपोर्ट को भी बदला गया। प्रधानमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।

आने वाले दिनों में बड़े जन आंदोलन का संकेत देते हुए कहा कि अन्ना हजारे ने कहा कि हम अभी जनता को जगा रहे हैं और हो सकता है कि अक्टूबर 2013 से जनवरी 2014 के बीच दिल्ली के रामलीला मैदान में दोबारा आंदोलन करुं और देश की जनता 2011 की तरह दोबारा सड़कों पर उतर आये।
इंदौर में एक दूसरे जनसभा को संबोधित करते केंद्र सरकार पर हमला बोला। सभा को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार के कारण मंहगाई बढ़ी है, जिससे देश का सामान्य जन परेशान है। देश में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए एक जनलोकपाल हाथ में लिया, लेकिन केंद्र सरकार ने जनता का बनाया हुआ जनलोकपाल का ड्राफ्ट स्वीकार नहीं किया और हमें बाहर का बोलकर अपना निकम्मा जनलोकपाल का ड्राफ्ट बनाया।












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