मिड डे 'मर्डर': भाजपा ने लगाया नीतीश पर असंवेदनशील होने का आरोप
छपरा। बिहार के सारण जिले में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में मध्यान्ह भोजन खाने से जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के मुख्यमंत्री पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा है कि पीड़ित बच्चों को जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के बजाय बिहार के मुख्यमंत्री मृतकों के रिश्तेदरों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर रहे थे।
यह उनकी असंवेदनशीलता एवं कठोर रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अधिकतर बच्चों की मौत इसलिए हो गई, क्योंकि उन्हें बेहतर उपचार नहीं मिला। बेहतर चिकित्सा सुविधा एवं उपचार से बहुत से बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। मध्यान्ह भोजन खाने से बीमार होने वाले 27 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 10 की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के विरोध में सारण में मंगलवार रात से ही प्रदर्शन हो रहे हैं। वे घटना के लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

घटना पर सरकार को फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू ने कहा कि बिहार के सारण जिले में एक स्कूल में मध्याह्न भोजन के दूषित होने की वजह जानने के लिए सरकार फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इस घटना में अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार की इस घटना के बारे में जानकर बेहद दुख हुआ, जहां दूषित भोजन से 22 बच्चों एवं रसोईए की मौत हो गई और अन्य 21 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। हमने घटना को गम्भीरता से लिया है।
मंत्री ने कहा कि मध्याह्न भोजन कार्यक्रम की जिम्मेदारी देखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी घटना की जानकारी लेने के लिए स्वयं बिहार में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यह दूषित भोजन से हुआ है, लेकिन हम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो आज ही (बुधवार) आने वाली है, और हमें तभी पता चल पाएगा कि भोजन दूषित क्यों था। 23 मृत बच्चों को स्कूल के नजदीक दफना दिया गया है। स्कूल की प्रधानाध्यापिका मीना देवी और अन्य शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।












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