तबाही में सियासत, कांग्रेसियों ने पीड़ित के बजाय वोटरों में बांट दी राहत
देहरादून। उत्तराखंड की तबाही में जहां हजारों लोगों ने अपनों को खाया वहीं सियासी पार्टियां इस तबाही से अपनी सियासत चमकाने में जुट गई है। आपदा के बाद राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने यहां का दौरा कर लोगों की सहानुभूति लूटनी चाही तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जब 100 ट्रक राहत सामग्री रवाना कर लोगों तक राहत पहुंचाकर वोट बटोरने की कोशिश की, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
कांग्रेस नेताओं ने सियासत चमकाने के लिए सोनिया द्वारा भेजी गई राहत साम्रगियों को पीड़ितों में बांटने के बजाए अपने वोटरों के बीच बांट दी। इसे रुद्रप्रयाग के कांग्रेसी नेताओं की दूरदर्शिता कहेगा या फिर सियासी दांव-पेंच। इन नेताओं ने ये राहत वहां बंटवा दी, जहां आपदा आई ही नहीं।

एक तरफ जहां हजारों लोग अभी भी राहत के लिए तरस रहे हैं और दूसरी तरफ सत्ताधारी सरकार अपने वोटबैंक को बनाने में जुटी हुई है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए अपने वोटबैंक को मजबूत करने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐसे दलित तबके को बीच ये राहत बांट दी , जो आपदा प्रभावित हैं ही नहीं।
दरअसल दिल्ली से भेजे गए इन ट्रकों को सीधे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के बजाए इन्हें पार्टी मुख्यालय में रका गया है। खबर ये भी जा रही है कि पार्टी इसका इस्तेमाल वोट बैंक को सहेजने के लिए कर रही है। पूरी तरह तबाह हो चुके केदारनाथ, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग, गोमुख, गौरीकुंड ऐसे जगहों पर अब तक लोगों तक कोई राहत नहीं पहुंच पाई है, जबकि चमोली के थराली गांवों में राहत बांटी जा रही है, हलांकि यहां गौर करने वाली बात ये है कि इस तरह पर आपदा आई ही नहीं थी। ऐसे में जब कांग्रेस जिला प्रवक्ता से सवाल पूछा गया तो उन्होंने इससे साफ मना कर दिया।












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