शिवसेना का मोदी से सवाल, तबाही में सिर्फ गुजराती क्यों बचाए गए?
नयी दिल्ली। मोदी के नाम पर मची आफत बीजेपी के लिए बड़ी मुसिबत साबित होता जा रहा है। मोदी के नाम पर पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी नाराज हुए फिर नाराज नीतीश ने मोदी के नाम पर एनडीए से 17 साल पुरानी दोस्ती तोड़ दी। नीतीश के बाद अब भाजपा की सबसे पुरानी साथी शिवसेना भी नाराज हो गयी है।
शिवसेना की नाराजगी की वजह भी मोदी ही है। शिवसेना मोदी से नाराज है। उत्तराखंड में मची तबाही के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री द्वारा गुजरातियों के लिए बचाव कार्य से शिवसेना नाराज है। अपने मुखपत्र सामाना में लिखे लेख में शिवसेना ने मोदी को नसीहत देते हुए कहा है कि मोदी को अब गुजरात से बाहर निकलकर सोचना चाहिए।

शिवसेना ने कहा कि उन्हें क्षेत्रीय नेता के बजाय राष्ट्रीय नेता की तरह व्यवहार करना चाहिए। मोदी द्वारा 15 हजार गुजरातियों को वापस घर पहुंचवाने के दावे को लेकर शिवसेना ने नाराजगी जताई है और कहा कि उत्तराखंड में जो कुछ भी हुआ है वो एक राष्ट्रीय तबाही है। इसमें पूरे देश को एकसाथ मिलकर काम करना चाहिए, ना की केवल अपने क्षेत्रिय राजनीति करनी चाहिए।
शिवसेना ने कहा कि मोदी ने तबाही में सिर्फ गुजरातियों की बात करके ठीक नहीं किया। उन्हें केवल अपने क्षेत्र की नहीं बल्कि देश का नेता होने के नाते सबकी बात करनी चाहिए। मोदी के साथ-साथ शिवसेना ने मोदी का प्रचार तंत्र संभालने वालों को भी नसीहत दी गई है। उन्हें समझाने की कोशिश की गयी है कि वो मोदी की क्षेत्रिय राजनीति से बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का प्रचार करे। वो यह बताना बंद करें कि मोदी ने सिर्फ गुजरातियों को बचाया। सामना में लिखा गया है कि राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे मोदी के लिए इस तरह का प्रचार हानिकारक हो सकता है।












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