Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

हैप्पी फादर्स डे: मां धुरी तो पिता जीवन का आवरण...

आज का युवा भले ही कितना ही टेक्‍नो सेवी, आत्‍मनिर्भर और अपने सपनों को खुद बुनने वाला हो पर पिता ही जीवन के वो पहले शख्‍स है जिनसे वह समाज और दुनिया के बारे में जानना शुरू करता है। पिता, जो कभी मां का प्‍यार देते हैं तो कभी शिक्षक बनकर गलतियां बताते हैं तो कभी दोस्‍त बनकर कहते हैं कि 'मैं तुम्‍हारे साथ हूं।' अगर मां परिवार की धुरी होती है तो पिता एक ऐसा आवरण जिसके पहलू में रहकर हम अपने जीवन को एक दिशा देने की कोशिश करते हैं।

जीवन की दिशा और समाज की दशा के बीच संतुलन बनाये रखने में मदद करने वाले पिता के लिए एक खास दिन मनाना, हमारे जीवन में दिये गये उनके योगदान के समतुल्‍य तो नहीं हो सकता है, पर बदलते जमाने की संस्‍कृति ने हमे 'फादर्स डे' के रूप में वो मौका जरूर दिया है, जब हम उनके प्‍यार, मदद और अपनेपन को महसूस कर उनसे ये तो कह सकें कि 'आज मैं जो भी हूं या आगे जो भी बनूंगा, वो आपके बिना संभव नहीं था।'

मी‍डिया के एक्‍पोजर और आधुनिकता के प्रभाव ने बाहर से कठोर दिखने वाले, गंभीर पर बच्‍चे के लिए मोम का दिल रखने वाले पिता को अब तक एक दोस्‍त के रूप में भी बदला, जो अब अपने बच्‍चे से अपना प्‍यार छिपाते नहीं, उन्‍हें बताते हैं। उनकी व्‍यक्तिगत समस्‍याओं में दिलचस्‍पी लेते है, यहां तक की उम्र ढलने पर भी उसकी मुश्किलों को झेलने के लिएतैयार रहते हैं।

फिल्‍मों में अपने अभिनय के लिए सदी के स्‍टार घोषित किये जा चुके अमिताभ बच्‍चन ने एक इंटरव्‍यू के दौरान यह स्‍वीकार किया था कि उन्‍हें आज भी पिता की कमी महसूस होती

है और लगता है कि काश, आज वो हमारे साथ होते। अगर हम आज के सफलतम व्‍यक्तियों को देखें तो पायेंगे कि उन्‍होने सामाजिक जीवन का पहला पाठ पिता से ही सीखा। पिता ही वो शख्‍स थे जो उनके हीरो है, उनकी प्रेरणा है, उनके लिए एक विश्‍वस्‍त शख्‍स है और दुनिया के एकमात्र ऐसे व्‍यक्ति है जो चाहते हैं कि उनका बच्‍चा उनके भी ज्‍यादा तरक्‍की करे, उनसे भी ज्‍यादा नाम कमाये।

बदलते दौर की जरूरतों ने पिता और बच्‍चे के बीच दूरियां गढ़ दी है, ऐसे में युवा उन बुजुर्ग कदमों को चाह कर भी सहारा नहीं दे पा रहे है, उनका अकेलापन नहीं दूर कर पा रहे हैं, ऐसे में यह एक ऐसा दिन है जब हम उनसे कह सकते हैं कि वो हमसे उसी सहारे की उम्‍मीद कर सकते हैं जैसा उन्‍होने हमे दिया, वो उसी छांव की उम्‍मीद हमसे कर सकते है, जिस छांव में हमने सुकून भरे दिन गुजारे, तो लीजिए अपने काम से ब्रेक और उनके साथ मनाइये, फादर्स डे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+