जापान के साथ संबंधों को मजबूत करेंगे: मनमोहन सिंह
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत, जापान के साथ राजनीतिक, सुरक्षा तथा ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगा। जापान की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि हम दो तरफा व्यापार व निवेश को बढ़ाकर और उसे संतुलित कर अपने व्यापक आर्थिक सहयोग साझेदारी की पूर्ण संभावनाओं के दोहन के रास्ते तलाशेंगे। मनमोहन सिंह ने कहा कि हमारे हितों में सामंजस्य बढ़ रहा है और मैं इसे एशिया में स्थिरता एवं समृद्धि कायम करने के लिए हमारे दृष्टिकोण के एक आवश्यक अंग के रूप में देखता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर तथा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर जैसी परियोजनाओं में प्रगति आएगी और आपसी लाभ वाले द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे को अपना 'अच्छा मित्र' करार देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि मुझे यह भी आशा है कि प्रधानमंत्री अबे के साथ मेरी साझा हितों के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी गुरशरण कौर इस यात्रा के दौरान जापान के सम्राट तथा साम्राज्ञी से मिलेंगी। मनमोहन सिंह जापान के अन्य राजनीतिक नेताओं से भी मिलेंगे तथा जापानी व्यापार एवं उद्योग जगत की हस्तियों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री गुरुवार को थाईलैंड पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात थाईलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा से होगी। उन्होंने कहा कि थाईलैंड एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय साझेदार है और आसियान के हृदय प्रदेश में स्थित एक क्षेत्रीय अगुआ भी है। प्रधानमंत्री शिनावात्रा के साथ बातचीत के दौरान मैं थाईलैंड के साथ संबंधों को नई गतिशीलता प्रदान करने की कोशिश करूंगा।
मनमोहन सिंह ने कहा कि थाईलैंड और भारत के बीच एक-दूसरे के नागरिकों के बीच, संस्कृति तथा आध्यात्मिक स्तर पर सदियों पुराने संबंध रहे हैं। यह हमारा समुद्र तटीय पड़ोसी देश है, लिहाजा समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे साझे हित हैं। रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में थाईलैंड के साथ हमारा सहयोग बढ़ रहा है। मेरी कोशिश होगी कि इस यात्रा दौरान इसे और अधिक मजबूती एवं विस्तार मिले।












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