कांग्रेस रैली पर बड़ा नक्सली हमला, नेता समेत 25 मरे
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा हमले के बाद सबसे बड़ा हमला शनिवार को तब हुआ जब कांग्रेस की रैली जगदलपुर जिले में हो रही थी। करीब 200 नक्सलियों ने रैली में घुस कर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा समेत 25 लोगों की मौत हो गई।
हमले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अपनी विकास यात्रा रोक दी है। हमले में घायल एक दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं की हालत गंभीर बताई गई है। कांग्रेस के दूसरे वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल और विधायक कवासी लखमा की पीठ में गोलियां लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल अपने पुत्र समेत लापता हैं।

आशंका है कि पटेल पिता-पुत्र समेत कई कांग्रेसी नेताओं को नक्सलियों ने बंधक बना लिया है। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर शनिवार को नक्सलियों ने हमला बोल दिया। हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार और कार्यकर्ता गोपी माधवानी की मौत हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी हेलीकाफ्टर से सकुशल राजधानी लौट चुके हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अपनी विकास यात्रा रद्द कर दी है और राजधानी में आपात बैठक बुलाई है। कांग्रेस ने भी परिवर्तन यात्रा रद्द कर दी है और 26 मई को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने परिवर्तन यात्रा से लौट रहे कांग्रेस के काफिले पर लगातार दो घंटे तक फायरिंग की। हमले में दर्जनों कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता घायल हो गए। घायल कांग्रेस नेता गोपी वाधवानी की मौत अस्पताल में उपचार के दौरान हो गई।
लगभग 200 की संख्या में नक्सलियों ने पहले सुकमा जिले की जीरम घाटी में विस्फोट किया। इसके बाद दरभा घाटी के पास गोलीबारी शुरू कर दी। काफिले में लगभग 16 से 20 गाड़ियां शामिल थीं जिनपर लगभग 120 कार्यकर्ता सवार थे। परिवर्तन यात्रा के इस काफिले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, कवासी लखमा, उदय मुदलियार सहित कई बड़े नेता शामिल थे।
गौरतलब है कि पटेल के काफिले पर इससे पहले भी गरियाबंद के पास नक्सली हमला हुआ था जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे। इस बीच घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि पता नहीं भाजपा की किस-किस से अंडरस्टैंडिंग है।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त ने परिवर्तन यात्रा पर नक्सली हमले की भर्त्सना की है। उन्होंने कहा है कि शांतिमय रूप से आयोजित हो रही इस यात्रा के दौरान हिंसक साधनों के माध्यम से उसे प्रभावित करने का प्रयास अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा है लोकतंत्र में जनता के साथ राजनीतिक कार्यकताओं का सम्मिलन एक स्वाभाविक एवं आवश्यक प्रक्रिया है। इस तरीके का व्यवधान करना अत्यंत कायराना है।












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