बार बालाओं के डांस के साथ होगी लालू के बेटे तेजस्वी की लॉन्चिंग
पटना। बिहार की राजनीति में अपनी साख दुबारा से जमाने और अपने बोटों की लांचिंग करने के लिए आरजेडी सुप्रीमों पटना के गांधी मौदान में विशाल रैली कर रहे है। रैली को लेकर जहां पार्टी कार्यकर्ता काफी उत्सुक है वहीं लालू यादव खुद लोगों की भीड़ जुटाने के लिए गली-गली प्रचार कर रहे है। इस रैली की खास बात ये है कि लालू अपने बेटों की लांचिंग भी इसी रैली के जरिए कर रहे है।
लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी को राजनीति के अखाड़े में उतार रहे है। लालू के लाल की लांचिंग की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। देशभर से आरजेडी कार्यकर्ताओं का पटाना आना लगा है। रातभर कार्यकर्ता गांधी मैदान में डरे रहे है। लालू यादव ने रैली को सफल बनाने और कार्यकर्ताओं के मनोरंजन की पूरी तैयारी कर रखी है।

रातभर बार-बालाओं का डांस चलता रहा। रैली में भीड़ जुटाने के लिए इंटरटेंमेंट का भी पूरा बंदोबश्त किया गया है। रैली में हिस्सा लेने आए लोगों के ठहरने, खाने-पीने के साथ-साथ उनके लिए नाच-गान का भी इंसजाम किया गया है। बाहर से कलाकारों को भी लोगों के मनोरंजन के लिए पटना बुलाया गया है। राजद कार्यकर्ताओं के ठहरने वाले प्रत्येक स्थानों पर मनोरंजन की पूरी व्यवस्था की गई थी। राजद के प्रवक्ता रंधीर यादव कहते हैं कि वरिष्ठ राजद नेता सम्राट चौधरी के आवास पर कव्वाली का आयोजन किया गया था। यहां लखनऊ की कव्वाली गायिका रुखसाना और सुल्ताना के बीच मुकाबला हुआ और इसका लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया।
कव्वाली, लोकगीत, लोक नाच के साथ -साथ बार बालाओं का डांस भीड़ को रैली की ओर खींचने का काम कर रही है। रात भर यहां नाच-गान चलता रहा। आलज ये था कि लोगों की भीड़ गांधी मौदान के बाहर तक लगी रही। पुलिस के लिए इस भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था। गांधी मैदान के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयप्रसाद काश यादव, विधायक सुरेन्द्र यादव के घरों पर भी रंगारेग कार्यक्रम का दौर चलता रहा। डांसरों के ठुमकों की बीच नेताजी बी ताल से ताल मिलाते रहे।
माना जा रहा है कि आज तकरीबन तीन बजे के आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव परिवर्तन रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली में लालू के साथ उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बेटे तजेस्वी यादव भी शामिल होंगे। लालू यादव इस रैली के द्वारा अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। गांधी मैदान के मंच से लालू अपने बेटे के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर वार करने वाले है।
अब देखने वाली बात तो ये होगी कि बार बालाओं और नाच-गान से तो लालू ने रैली से पहले तो भीड़ जुटा ली लेकिन क्या भीड़ आज रैली में भीड़ जुटा पाएंगे। क्या लोग उन्हें सुनने गांधी मैदान पहुंचेगे। बिहार की राजनीति में लालू अब अपनी साख खो चुके है। ऐसे में आज की रैली उनके लिए खास महत्व रखती है। इस रैली की सफलता ही बिहार की राजनीति में लालू की भविष्य तय करेंगी।












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