बंसल का रिश्वतखोर भांजा गिरफ्तार, इस्तीफे की मांग तेज
चण्डीगढ़/नई दिल्ली। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का भांजा व उसके तीन साथी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गये। एक रेलवे अधिकारी से पदोन्नीति के लिये 90 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में इन्हें गिरफ्तार किया गया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी समेत अन्य दलों ने बंसल से इस्तफे की मांग तेज कर दी है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने शनिवार देर रात बंसल के भांजे विजय सिंगला व तीन अन्य लोगों को जब गिरफ्तार किया, उसी के बाद से भाजपा ने रेल मंत्री को बर्खास्त करने और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस्तीफे की मांग तेज कर दी। हालांकि कांग्रेस ने भाजपा की मांग को खारिज कर दिया। बंसल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका इस मामले में काई हाथ नहीं है।

सीबीआई की टीम ने विजय सिंगला, उनके मित्र संदीप गोयल, धर्मेद्र कुमार और विवेक कुमार को गिरफ्तार किया और उन्हें दिल्ली ले आई। इन्हें सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। धर्मेद्र तथा विवेक पर रिश्वत का पैसा सिंगला तक पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में मंजूनाथ नाम के व्यक्ति को मध्यस्थता करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मंजूनाथ इसमें पांचवा आरोपी है।
इससे पहले शुक्रवार की रात रेलवे के सीनियर ऑफीसर महेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पहले वह पश्चिम रेलवे में महाप्रबंधक थे। भांजे की गिरफ्तारी के तुरंत बाद बंसल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके 7 रेसकोर्स रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। उसके बाद मीडिया से कहा, "चण्डीगढ़ में मेरी बहन के बेटे के आवास पर शुक्रवार को हुई छापेमारी की घटना के संबंध में मेरा कहना है कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।"
बंसल ने कहा, "मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और न ही भांजे से कोई वित्तीय लेनदेन है। मैंने अपने सार्वजनिक जीवन में अधिक ईमानदारी व शुचिता बनाए रखी। रिश्तेदार मेरे आधिकारिक कार्यो में हस्तक्षेप नहीं करते और न ही निर्णयों को प्रभावित करते हैं।"












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