दो साल बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा 'ओसामा का भूत'

ओसामा के एबटाबाद के पड़ोसियों में से एक 19 साल के समीउल्लाह ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि वह हमले के बारे में जानने को सैकड़ों इच्छुक मीडियाकर्मियों और अन्य लोगों को साक्षात्कार दे चुके हैं। उन्होंने कहा, "इस घटनाक्रम से हमारी रोजमर्रा की जिदगी प्रभावित हुई है। हमारी जिदगी का चैनो-सकून छिन गया है।" "मीडिया हमसे लादेन के बारे में लगातार एक ही सवाल पूछता रहा है लेकिन हमने उसे कभी नहीं देखा।"
ओसामा के बहुत नजदीक पड़ोसी 84 साल के जैन मोहम्मद ने बताया कि बिन लादेन की हत्या के बाद से हम बुरे अनुभव से गुजरे हैं। उन्होंने बताया कि घटना के बाद तीन पड़ोसियों के साथ उन्हें और उनके बेटे को सुरक्षा बलों द्वारा 17 दिन हिरासत में रखा गया। लेकिन उन्होंने कभी कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं किया।
जैन ने कहा, "हमारे जीवन का यह सबसे बुरा क्षण था।" हालांकि कुछ पाकिस्तानियों की तरह जैन ने यह बात अब तक मानने से इंकार किया कि अमेरिकी सैनिकों ने जिसे मारा था वह ओसामा था। जैन ने कहा, "हम नहीं जानते हैं कि यहां ओसामा रहता था या नहीं। हम सभी जानते हैं कि केवल दो पाकिस्तानी भाई अपने परिवारों के साथ अहाते के अंदर रहते थे।"
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के भारी तादाद में लोग ओसामा के बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानते या उसके बारे में बातचीत करना नहीं पसंद करते। "हमने केवल टीवी पर उसकी तस्वीर देखी थी। हमने उसे यहां कभी नहीं देखा।" सेवानिवृत्त स्कूल टीचर मोहम्मद लतीफ ने कहा, "मैं जानता हूं कि बिन लादेन एक बड़ी कांस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक था। उससे मुस्लिम बहुत लगाव रखते थे। उसकी पश्चिमी देशों और अमेरिका से दूरियां थीं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications