सरबजीत की रिहाई के लिए मांगे थे 25 करोड़: दलबीर कौर
नयी दिल्ली। 6 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद कल रात लाहौर के जिन्ना अस्पताल में सरबजीत सिंह की मौत हो गई। अपनी जिंदगी के 22 साल पाकिस्तान की जेल में बिताने के बाद अब उसे मुक्ती मिल गई। सरबजीत की मौत के बाद उसकी बहन दलबीर ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा और अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पाकिस्तान को कायर बताया।
अपने भाई की हत्या का आरोप पाकिस्तान पर लगाते हुए सरबजीत ने भारत सरकार से उसे शहीद घोषित करने की मांग की है। दलबीर ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरबजीत की रिहाई के लिए उनसे 25 करोड़ रुपए मांगे गए थे। पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी पर आरोप लगाते हुए दलबीर कौर ने कहा कि उन्होंने सरबजीत की रिहाई के लिए 25 करोड़ रुपए मांगे थे। अगर ये रुपए उन्हें दे दिए गए होते तो सरबजीत आज जिंदा होता।

दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए सरबजीत की बहन ने कहा कि पाकिस्तान में उनके भाई के साथ जो कुछ हुआ वो एक हिंदुस्तानी होने की वजह से हुआ। उन्होंने कहा कि वह सालों से कहती आ रही हैं कि सरबजीत निर्दोष है उसे सजा नहीं हेने चाहिए। लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। अगर उनका परिवार गरीब नहीं होता और पाकिस्तान को 25 करोड़ देने में सक्षम होती तो आज उनका भाई उनके साथ होता। दलबीर ने पाकिस्तान को ललकारते हुए कहा कि वह उन सरबजीतों के लिए लड़ती रहेंगी जो पाकिस्तान की जेलों में कैद हैं। उन्होंने कहा कि वह देखेंगी कि तालिबान उनका क्या बिगाड़ लेगा?
सरबजीत के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान अपने पाकिस्तान दौरे के बारे में उन्होंने कहा कि लाहौर के जिन्ना अस्पताल में मेरे कुछ भी पूछे जाने पर वहां के नर्स और डॉक्टर हंसते थे। मुझे उनकी हंसी देखकर लगता था कि वह सभी कुछ छिपा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरबजीत को देखते ही मुझे लग गया था कि वो जिंदा नहीं है, वह तो मर चुका है। दलबीर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस वक्त देश के लोगों को देखना चाहिए की पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं है।
जवाब देने का समय आ गया है। क्योंकि सरबजीत को लेकर सही कोशिश होती तो सरबजीत बच जाता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कायर है जिसने बेकसूर सरबजीत की हत्या की। उन्होंने सरबजीत की मौत की जांच कराए जाने की मांग की।












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