फिर की गई मोदी को वीजा न देने की पैरवी
नई दिल्ली। विकास पुरूष की छवि के कारण भले ही भारत में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है लेकिन अमेरिकी वीजा मामले में मोदी को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। अभी हाल ही में अमेरिका के रिलीजियस फ्रीडम कमीशन ने मोदी को वीजा न दिये जाने का समर्थन करते हुए कहा है कि उन पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के गंभीर मामले हैं। इसलिए उन्हें वीजा नहीं दिया जाना चाहिए।
कमीशन की अध्यक्षा कैटरीना लैंटोस ने कहा है कि इस बारे में पहले से ही पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि गुजरात में हुए दंगों में मोदी की मिलीभगत थी। इन दंगों में लगभग 1100 से 2000 मुस्लिम नागरिक मारे गये थे। अत: हम मोदी को अमेरिकी वीजा देने का विरोध करते हैं। रिपोर्ट में भारत को अफगानिस्तान, अजरबाइजान, क्यूबा, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान , लाओस और रूस के साथ दूसरी श्रेणी में रखा गया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि रिलीजियस कमीशन के सदस्यों का चुनाव अमेरिका के राष्ट्रपति करते हैं। अत: इस विरोध के कारण मोदी के लिए अमेरिकी वीजा मिलना और भी मुश्किल हो गया है। हालांकि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के एक रिपब्लिकन सदस्य एरान शहोक के नेतृत्व में गुजरात आये एक प्रतिनिधिमंडल ने मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण किया था पर उनके लिए वीजा नियमों में कोई बदलाव नहीं किये गये है।












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