चिट फंड घोटाला: मुश्किल में टीएमसी, सांसद पर मुकदमा दर्ज

सभी पर वेतन भुगतान नहीं करने, भविष्य निधि का अंशदान और स्रोत पर आयकर कटौती जमा नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। दत्ता और घोष दोनों ने ग्रुप के कर्मचारी के रूप में वित्तीय अधिकार होने से इनकार किया है और मामले में घसीटने के लिए सेन को जिम्मेवार ठहराया। तृणमूल कांग्रेस से राज्य सभा के सदस्य घोष ने कहा, सीईओ के रूप में मैं केवल संपादकीय जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहा था और मेरे पास कोई वित्तीय अधिकार नहीं था।
मैं एक सामान्य वेतनभोगी कर्मचारी था। मैंने कभी कंपनी के वित्तीय मामलों से संबंधित कोई फैसला नहीं लिया। पैसे से संबंधित सभी मामले सेन के अधीन थे। घोष ने सेन के उस दावे को भी बेबुनियाद करार दिया है जिसमें सेन ने कहा है कि घोष ने ग्रुप के एक मीडिया हाउस को औनेपौने दाम पर बेचने का दबाव बनाया था।
जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ्तार सेन ने केंद्रीय जांच ब्यूरो को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के कुछ नेताओं पर घोटाले को जटिल बनाने और वित्तीय दोहन व दबाव डालने का आरोप लगाया था। दत्ता ने भी घोष की भाषा को दोहराया है। इस बीच मीडिया हाउस के कर्मचारियों ने इसके कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।












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