93 मुंबई ब्लास्ट- SC ने खारिज की जैबुन्निसा की अर्जी, संजू बाबा पर फैसला बाकी
अभिनेता संजय दत्त ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर समर्पण का समय छह महीने और बढ़ाने का अनुरोध किया था। संजय को सुप्रीम कोर्ट ने 1993 मुंबई धमाके के मामले में अवैध हथियार रखने के जुर्म में आर्म एक्ट के तहत 5 साल की सजा सुनाई है। इन 5 साल की स जा में संजय पहले ही 13 महीने का वक्त जेल में बिता चुके है ऐसे में संजय को अब तकरीबन 3 साल का वक्त जेल में गुजारना होगा।
संजय दत्त के साथ-साथ उनके जैबुन्निसा ने भी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर कोर्ट से सरेंडर करने का वक्त मांगा था, लेकिन आज की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जैबुन्निसा अनवर काजी के साथ- साथ शरीफ अब्दुल गफूर और इशहाक मोहम्मद हजवानी की अर्जी भी खारिज कर दी। इन तीनों को मुबंई ब्लास्ट के दौरान आर्म एक्ट के तहत दोषी पाया गया था और कोर्ट ने इन्हें 5 साल की सजा सुनाई थी। जौबुन्निसा के अर्जी खारिज होने के बाद अब संजय दत्त की मुश्किलें बढ़ गई है। अभी तोड़ा देर में संजय पर भी फैसला आ जाएगा। फैसले के बाद साफ हो जाएगा कि संजय जेल जाएगे या फिर उन्हें कोर्ट थोड़ी और मोबहलत देगा।
संजय दत्त की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 21 मार्च के आदेश के बाद कोई नई फिल्म साइन नहीं की है। लेकिन पहले की अनुबंधित फिल्में अधूरी हैं, जिनमें भारी रकम लगी हुई है। अत: उन फिल्मों को पूरा करने के लिए कोर्ट समर्पण का समय छह महीने बढ़ा दे। दत्त ने अर्जी में कहा है कि कुल 7 फिल्में अधूरी हैं, जिन्हें पूरा करना है। ये फिल्में करीब 278 करोड़ रुपये के बजट की हैं और इन्हें पूरा करने में 196 दिन का समय लगेगा। संजय ने कहा है कि वह जल्द से जल्द इन फिल्मों की शूटिंग पूरी करने का प्रयास करेंगे। लेकिन अगर वह अपना पूरा समय भी दे दें तो भी 196 दिन लगेंगे।
अपनी दलील में संजय दत्त का कहना है कि वह सुधर गए हैं और समाजसेवा और चैरिटी के काम भी कर रहे हैं। इस मामले के अलावा वह कभी किसी मामले में दोषी नहीं ठहराए गए हैं। अर्जी में उनके द्वारा किए जा रहे चैरिटी के कार्यो और उन्हें मिले पुरस्कारों का भी हवाला दिया गया है।













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