ममता बनर्जी के साथ बदलसूकी करने वाले की गिरफ्तारी की मांग
लखनऊ। दिल्ली में हुये पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व वित मंत्री अमित मित्रा के साथ हुई बदसलूकी के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस सक्रिय नही हुई है। यह काफी आष्चर्यजनक है कि वह अभी तक हमले में षामिल एसएफआई व वाम कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ये संपूर्ण घटना राजनीति से प्रेरित लगती है।
दिल्ली पुलिस ने धारा 144 लागू क्षेत्र में झण्डे लिये हुये भीड़ को जाने कैसे दिया? इससे लगता है कि पुलिस को घटना को जानकारी थी। फिर भी उसने सुरक्षा के कड़े इंतजाम क्यों नही किये। दिल्ली पुलिस मामले में लापरवाही दिखा रही है। आसिफ खान व उत्तर प्रदेश के वर्किंग प्रेसीडेण्ट वाहिद सिद्दीकी, ने एसएफआई नेता रितोब्रत बनर्जी और वहां मौजूद वाम नेताओं समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जल्द से जल्द करते हुये उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की। जिससे इस प्रकार की गंदी राजनीति की पुनरावृत्ति न हो सके।

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दोनो नेता यह देख कर आश्चर्यचकित हैं कि एसएफआई कार्यकर्ता अपने इस कृत्य पर अभी भी षर्मिंदा नहीं है और उल्टा इसे सही ठहरा रहें हैं। एक राजनीतिक दल की तरह सीपीएम ने अभी तक उस निंदनीय घटना में शामिल अपने कार्यकर्ताओ के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशास्नात्मक कार्रवाई नहीं की है। लेफ्ट फ्रंट के अन्य सहयोगियों के दबाव के चलते सीपीएम अभी तक किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं ले पाई है।












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