आडवाणी की तारिफ करने पर मुलायम से खफा मुस्लिम नेता
देवबंद।
डीएमके के यूपीए का साथ क्या छोड़ा सपा लाइम लाइट में आ गई। उसकी हर हलचल पर सबकी नजर टिकने लगी। सपा ने कांग्रेस से किनारा कर बीजेपी की ओर आकर्षित होती नजर आई तो सियासी बाजार गर्म होने लगा। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की बार-बार तारीफ कर भले ही बीजेपी से अपनी दोस्ती की ओर इशारा किया हो, लेकिन सपा की बीजेपी से ये दोस्ती मुस्लिम नेताओं को पसंद नहीं आई। देवबंद के उलेमा मुलायम से खासे नाराज हैं। id="toptextpromo">उलेमा
ने सख्त लहजे में इसे महज वोटों की सियासत बताया है। कहा है कि मुलायम मुसलमानों को छलते आ रहे हैं। मौलाना नदीमुल वाजदी ने लालकृष्ण आडवाणी को बाबरी मस्जिद की शहादत का दोषी करार देते हुए कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह बीजेपी की तारिफ कर गलती कर रहे है। उन्होंने कहा कि मुलायम के बयानों से ऐसा लगता है कि वह सियासी स्वार्थ साधना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आडवाणी की तारीफ करना महज वोटों की सियासत है। मुलायम चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी उनकी मदद करे। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>मुलायम
के खिलाफ बोलते हुए दारुल उलूम के पूर्व मीडिया प्रभारी आदिल सिद्दीकी ने कहा है कि सभी राजनैतिक दलों ने मुसलमानों का वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। लालकृष्ण आडवाणी ने मंदिर के नाम पर तो मुलायम सिंह यादव ने मस्जिद के नाम पर वोट बटोरे हैं। मुस्लिम नेताओं ने माना मुलायम सिंह का आडवाणी की तारीफ करना निंदनीय है। मुसलमानों को इसका जमकर विरोध करना चाहिए।











Click it and Unblock the Notifications