फिक्की में 'नमो मंत्र', बेटे-बेटी का भेद करना गलत
नयी दिल्ली (ब्यूरो) गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता नरेन्द्र मोदी फिक्की के महिला विंग को संबोधित करते हुए सबसे पहले फिक्की के कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को धन्यवाद दिया। अपने अंदाज में मोदी ने मौजूद उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरा पहला संबोधन है जिससे पहले मुझे फेसबुक और टि्विटर पर जुड़ी महिलाओं ने संबंध किया और कई सारे सवाल पूछे और कई सुझाव भी दिये। मुझे खुशी है कि बड़ी मात्रा में सामाजिक विषय पर हमारी बहनें और माताएं एक्टिव है और मैं इस सोशल मीडिया का आभारी हूं।
महिला इकाई को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हमारे देश की परंपरा में मां का स्थान सबसे उपर है। मोदी ने कहा कि कि क्या समाज के नाते नारी-शक्ति को हम नहीं पहचानेंगे। मोदी ने कहा कि बेटे और बेटी के बीच के भेद का वक्त पूरा हो चुका है। मोदी ने कहा कि इस बुराइ से मुक्ति के लिये हम सबको प्रयास करना चाहिए। अपने राज्य की बात करते हुए मोदी ने कहा कि ऐसा नहीं कि मेरा राज्य इस पीड़ा से ग्रसित नहीं है। उन्होंने कहा कि गुजरात में भी भ्रूण हत्या की पीड़ा है।

मोदी ने कहा कि समाज में अन्य क्षेत्रों में हुई प्रगति के बावजूद देश में महिलाओं की स्थिति 18वीं शताब्दी से भी बदतर है। बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी संस्कृति में मां सर्वोच्च स्थान पर है, लेकिन हमारे समाज में बहुत सी बुरी चीजें आ गई हैं। 18वीं शताब्दी में बालिका भ्रूण हत्या की शुरुआत हुई थी।" मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद ऐसा लगता था कि देश आधुनिक भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। ऐसा लगा था कि "हम दुनिया को दिखाएंगे कि एक महिला का स्थान क्या है। लेकिन ऐसा लगता है कि हमने जैसे-जैसे प्रगति की, वैसे-वैसे हमारे देश में गिरावट आई।"
उन्होंने कहा, "कभी-कभी मुझे लगता है कि हमारी स्थिति 18वीं सदी से भी बदतर हो गई है। 21वीं सदी में बालिकाओं की गर्भ में ही हत्या कर दी जा रही है। पुरुष व महिला दोनों इसके लिए जिम्मेदार हैं।" मोदी ने कहा कि यह समस्या गुजरात में भी मौजूद है।












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