उप्र को छोड़ आंध्र में सियासी भविष्य तलाश रहीं जयाप्रदा
हैदराबाद। रामपुर से लोकसभा सांसद जयाप्रदा ने पिछला लोकसभा चुनाव समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर लड़ा था और आजम खां के कड़े विरोध के बावजूद जीत दर्ज की थी। लेकिन अब समीकरण पूरी तरह से बदल चुके हैं। अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम एक बार फिर सपा में सशक्त भूमिका में हैं।
रामपुर से विधायक होने के कारण वह अपने गृह जनपद की राजनीति में शुरुआत से ही गहरी दिलचस्पी रखते हैं और पिछली बार भी पार्टी से अलग होने के पीछे भी रामपुर और जयाप्रदा अहम वजह बनी थी।
अमर सिंह के साथ वर्ष 2010 में सपा से निष्कासित हो चुकी जयाप्रदा इस हकीकत को अच्छी तरह समझती हैं कि इस बार रामपुर में उनकी राह आसान नहीं होगी। इसलिए वह दूसरी जगह अपनी सम्भावनाएं तलाशने में जुट गई हैं।

जयाप्रदा जानती हैं कि बड़े सियासी दल के वोटबैंक के अभाव में सीट निकल पाना बेहद मुश्किल है। यही वजह है कि उन्होंने अब दक्षिण की राह थाम ली है। इस बात की प्रबल सम्भावना है कि जयाप्रदा अगले लोकसभा चुनाव में अपने गृहक्षेत्र राजमंड्री से चुनाव लड़ें और आंध्र प्रदेश की राजनीति में वापसी की योजना बनाएं।
हालांकि इस बात का ऐलान खुले तौर पर अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन जिस तरीके से जयाप्रदा ने आंध्र प्रदेश की ओर रुख किया है, उससे साफ है कि वो अब रामपुर को अलविदा कहने का मन बना चुकी हैं।
वैसे भी जयाप्रदा शुरू से ही उत्तर प्रदेश के लिए अनजानी शख्सियत ही रही हैं। अमर सिंह की पसंदीदा रहने के कारण ही उन्हें सपा का टिकट मिला और जीत नसीब हुई थी। अब सपा में अमर सिंह का ही सूरज अस्त हो चुका है तो जयाप्रदा के लिए नए विकल्प तलाशना मजबूरी बन गई है।
वह विधानसभा चुनाव में अमर सिंह की पार्टी का हश्र देख चुकी हैं। उनकी नजर किसी ऐसे दल पर है, जिसका अपना कोई जमीनी आधार हो। इसी के तहत वह आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की तारीफों के पुल बांधकर वाईएसआर कांग्रेस से जुड़ने के संकेत दे चुकी हैं।
वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी इस समय अवैध संपत्ति के मामले में जेल में हैं। उनकी पार्टी ज्यादा पुरानी नहीं है, ऐसे में जगनमोहन को भी अपना सियासी कद बढ़ाने और सीट जीतने के लिए बड़े चेहरे की जरूरत है।
एन. चंद्रबाबू नायडू की आलोचना कर जयाप्रदान ने यह संकेत दिया है कि वह तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) से नहीं जुड़ने जा रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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