सोनिया-मनमोहन मॉर्डल भविष्य में कारगर नहीं: दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने जनार्दन द्विवेदी के बयान को खारिज कर दिया। उन के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि वो अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने इससे पहले कहा था कि केन्द की सत्ता के दो केन्द्र नहीं होने चाहिए। गौरतलब है कि जनार्दन द्विवेदी ने कहा था कि पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के बीच जो सामंजस्य है वो पहले कभी नहीं देखा गया, शायद भविष्य के लिए भी यही आदर्श है। दिग्विजय सिंह उनके मत से असहमति दिखाते हुए कहा कि मुझे मेरा मत रखने का अधिकार है। इसीलिए मैंने अपना मत रखा। मैं अभी भी अपने बयान पर कायम हूं। मैंने कभी अपना बयान वापस नहीं लिया है।
सिंह ने कहा कि पार्टी की अपनी राय है, वो भी अपनी जगह सही है। मैंने जो भी कहा है वो ऑन रिकॉर्ड है। मैं अपने राय पर कायम हूं। वहीं जनार्दन द्विवेदी की सोनिया-मनमोहन मॉर्डल पर कांग्रेस के कई नेताओं ने सहमति भी जताई है। कांग्रेस नेता रशीद मसूद ने पीएम-सोनिया मॉडल पर कहा कि सोनिया और मनमोहन अगर तालमेल बनाकर चलें तो जरूर लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा था कि सत्ता के दो केंद्र नहीं होने चाहिए। सिंह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी ने कहा कि सोनिया-मनमोहन का बेमिसाल सामंजस्य आगे भी जारी रह सकता है।












Click it and Unblock the Notifications