मुलायम बताएं, कौन होंगे तीसरे मोर्चे के सिपाही

वाराणसी में मीडिया से बातचीत में जोशी ने इस दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि मुलायम बार-बार तीसरे मोर्चे की बात दोहरा रहे हैं, लेकिन घटक दल कौन होंगे और उनका कार्यक्रय क्या होगा इस बारे में वह बिल्कुल मौन हैं। जोशी ने यह भी कहा कि तीसरे मार्चे की अवधारणा अवसरवादी राजनीति है और ऐसे गठबंधन से देश की समस्याओं का हल नहीं होने वाला।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल में देश की हालत खस्ता इसलिए हुई है, क्योंकि संप्रग के पास कोई सर्वसम्मत कार्यक्रम नहीं है। यही वजह है कि केंद्र सरकार कई प्रकार के तनाव एवं दबाव से ग्रस्त है। जोशी ने कहा कि अवसरवादी गठबंधनों एवं सत्ता के तिकड़मों से देश की मौजूदा समस्याओं का कोई हल नहीं निकलेगा और देश में किसी तीसरे मोर्च के बनने की सम्भावना नहीं के बराबर है।












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