बच्चा चाहती हैं तो पति को सॉना बाथ लेने से रोकें
नई दिल्ली। भारत में एक ट्रेंड पिछले एक दशक से जोर पकड़े हुए है। वो यह कि युवा अवस्था में प्रवेश करते ही लड़कों को जिम ज्वाइन करने का भूत सवार होता है और इस दौरान वो हर फेसिलिटी का लुत्फ उठाने के प्रयास करते हैं, जो उपलब्ध होती है, फिर चाहे जरूरत हो या नहीं। इसी में से एक होता है सॉना बाथ, जिसकी जरूरत हर किसी को नहीं होती, लेकिन फिर भी लोग लेते हैं, ताकि बदन चमकदार हो सके। लेकिन क्या आपको मालूम है, सॉना बाथ नपुंसकता की ओर बढ़ाया जाने वाला कदम है।
इटली में हुए एक ताज़ा शोध में पता चला है कि सॉना बाथ लेने से व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो जाता है। इससे स्पर्म काउंट यानी प्रति मिलीलीटर शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है। जिस कारण वे पिता बनने के सुख से वंचित रह जाते हैं।

बार-बार सॉनाबाथ लेने से पुरुषों के स्पर्मकाउंट में तेजी से गिरावट दर्ज होती है। हालांकि यह प्रभाव स्थाई नहीं होता, लेकिन फिर भी यदि आप नपुंसकता के शिकार एक बार हो गये, तो सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान हो सकते हैं।
पाडोया विश्वविद्यालय, इटली में हुए इस शोध के अनुसार यदि कोई व्यक्ति लगातार सॉना बाथ ले रहा है और उसके स्पर्म काउंट कम हो जाते हैं, और तब यदि वो रोक देता है, तो तीन महीने के अंदर स्पर्म काउंट पहले की तरह बढ़ जाते हैं। छह महीने के अदंर शुक्राणुओं की संख्या सामान्य हो जाती है। दिल्ली के गायनोकॉलॉजिस्ट डा. डीके मित्तल के अनुसार ऐसा संभव है, क्योंकि जरूरत से अधिक तापमान के कारण शुक्राणुओं की संख्या कम होती है।












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