आंतकी लियाकत की गिरफ्तारी पर दिल्ली और जम्मू पुलिस में विवाद

दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने कहा है कि लियाकत शाह सरेंडर करने आ रहा था कि बीच में ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि लियाकत को गोरखपुर से गिरफ्तार करने वाली दिल्ली पुलिस ने जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस में छापामारी कर हथियार और विस्फोटक बरामद किए। वहीं आंतकी लियाकत की पत्नी अख़्तर ने भी ये दावा किया है कि उसका पति सेरेंडर करने जा रहा था तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ दिया। जिस वक्त लियाकत को गिरफ्तार किया गया उसकी पत्नी और बेटी के साथ मौजूद थी।
लियाकत की पत्नी की माने तो दो परिवार पाकिस्तान से लौट रहे थे। 19 मार्च को इन्हें नेपाल बॉर्डर पर हिरासत में लिया गया और होटल में रखा गया। महिलाओं को छोड़ दिया गया, लेकिन लियाकत को रोक लिया। लियाकत के परिवार ने 5 फरवरी 2011 को उसकी वापसी की अर्जी दी थी। पुलिस ने माना है कि परिवार ने समर्पण और पुनर्वास नीति के तहत अर्जी दी थी।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि लियाकत हिजबुल का कमांडर है। जबकि जम्मू-कश्मीर सरार के मुताबिक लियाकत सरकार के सामने समर्पण कर चुका है। दिल्ली की स्पेशल सेल के मुताबिक उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि पाक अधिकृत कश्मीर से लियाकत और कुछ अन्य आतंकियों के सरेंडर करने के नाम पर भारत में घुसने की साजिश कर रहे है। जिसके बाद स्पेशल टीम ने मुसतैदी के साथ उसे गोरखपुर से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक लियाकत को फिदायीन का इंतजाम और आतंकी हमले को कोऑर्डिनेट करना था। उसे हिजबुल के स्लीपर एजेंट की तरह काम करते हुए कुपवाड़ा में रहना था। दिल्ली पुलिस का दावा है कि कश्मीर में दर्ज एफआईआर में उसका नाम है।












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