यूपीए से DMK आउट पर सरकार आउट ऑफ डेंजर
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने मंगलवार को श्रीलंका मुद्दे पर केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से नाता तोड़ लिया। लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने कहा कि इससे सरकार की स्थिरता को कोई खतरा नहीं है। डीएमके अध्यक्ष एम करुणानिधि ने संप्रग से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी श्रीलंका को बचाने की केंद्र सरकार की कोशिश को स्वीकार नहीं करेगी, जिस पर तमिल समुदाय के लोगों के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "इस सरकार में बने रहना श्रीलंकाई तमिलों के साथ अन्याय होगा।" डीएमके के लोकसभा में 18 सांसद हैं। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में डीएमके के पांच मंत्री थे।
करुणानिधि ने आरोप लगाया कि संप्रग ने न केवल श्रीलंका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचसीआरसी) में लाए गए अमेरिकी प्रस्ताव को लेकर डीएमके के दृष्टिकोण पर विचार करने से मना कर दिया, बल्कि इस पर पूरी तरह पानी फेर दिया। उन्होंने संप्रग को बाहर से समर्थन देने से भी इंकार किया। संप्रग से अलग होने की डीएमके की घोषणा के बाद पार्टी मुख्यालय में खुशी मनाई गई। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। उन्होंने करुणानिधि की प्रशंसा करते हुए नारेबाजी भी की।

अमेरिका ने श्रीलंका के खिलाफ जो प्रस्ताव लाया है, उसमें उसकी आलोचना की गई है। लेकिन तमिलनाडु की दो प्रमुख पार्टियां डीएमके तथा ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एडीएमके) चाहती हैं कि भारत सरकार प्रस्ताव में संशोधन की पेशकश करे, जिसमें श्रीलंका पर तमिल विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तमिलों के 'नरसंहार' का आरोप लगाया जाए। डीएमके नेता ने कहा, "यदि श्रीलंका पर 'नरसंहार' का आरोप लगाने वाला विधेयक भारतीय संसद में पेश किया जाता है तो हम अपना रुख बदलने के लिए तैयार हैं।"
संप्रग से समर्थन वापसी की डीएमके की घोषणा के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। उधर, नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने कहा कि केंद्र सरकार की स्थिरता पर कोई खतरा नहीं है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "सरकार स्थिर है और लोकसभा में इसे बहुमत हासिल है।" संप्रग से डीएमके के अलग होने के बाद कांग्रेस कोर समूह की आपात बैठक हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित अन्य नेता मौजूद थे। बैठक के बाद चिदम्बरम ने करुणानिधि को मनाने की कोशिश करते हुए कहा कि कांग्रेस उनके विचारों का सम्मान करती है। वह वरिष्ठ नेता हैं और हर तरह के सम्मान के हकदार हैं। (आईएएनएस)












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