नरेंद्र मोदी के लिये इंडिया फर्स्ट यानी सभी को सुरक्षा
नई दिल्ली। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया फर्स्ट की परिभाषा को और ज्यादा विस्तृत करते हुए कहा कि सेक्युलरिज्म यानी इंडिया फर्स्ट और इसमें सभी भारतीय आते हैं, केवल मॉयनारिटीज़ नहीं।
मोदी से पूछा गया कि युवाओं को क्या सलाह देंगे, तो मोदी ने कहा, यह कहना गलत होगा कि राजनीति में अच्छे लोग नहीं हैं। हमें देश के विकास के लिये लोगों को और उनके अच्छे आईडिया को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। लिहाजा युवा एक बार राजनीति की तरफ रुख करके जरूर देखें। हाल ही में गुजरात में हुए ग्राम पंचायत के चुनावों में प्रत्याशी शहरी प्रत्याशियों से कहीं ज्यादा पढ़े लिखे थे, जो कि अच्छे संकेत हैं। मोदी ने कहा कि लोगों को गर्व होना चाहिये कि देश में राजनीतिक पार्टियां हैं और नियमों का पालन कर रही हैं। जब एक ने मोदी से पूछा कि आपको दिल्ली आने से कौन रोक रहा है, तो उन्होंने हंस कर जवाब दिया, "मैं तो दिल्ली में ही हूं।"
इससे पहले एक गेस्ट ने मोदी को गुजराती में बधाई दी, और पूछा कि वो पूरे देश के लिये कैसे एक मरहम का काम कर सकते हैं। मोदी ने कहा कि बात जब विकास और आगे बढ़ने की आती है, तो मेरे लिये राष्ट्रीय सोच ही मायने रखती है। उनसे जब यह पूछा गया कि क्या गुजरात के मैजिक को एक गठबंधन सरकार के माध्यम से पूरे देश को आगे ले जाना चाहते हैं, तो जवाब मिला कि यह कहना गलत होगा कि गठबंधन सरकार विकास के पथ के लिये रोड़े का काम करती है। समस्या तो यह है कि यहां पहल करने वाले नहीं हैं और फिर पॉलिसी-मेकिंग में खामियां भी रह जाती हैं।
मोदी से पूछा गया कि वो एफडीआई मल्टीब्रांड रिटेल का विरोध क्यों कर रहे हैं। उन्होंने जवाब दिया कि भारत सरकर यह भूल गई है कि भारत एक संघीय ढांचा है। देश के संघीय ढांचे पर यूपीए ने काफी कसके प्रहार किया है। राज्यों से सलाह लेने की प्रथा पूरी तरह खत्म हो गई है, जबकि एफडीआई राज्यों में भी लागू होना है। देखा जाये तो ग्लोबल कमोडिटी को भारत के स्थानीय बाजारों में ठूसने के प्रयास हैं। इससे देशी उत्पादन कंपनियां बंद हो जाएंगी।
जनरल वीके मलिक ने मोदी से पूछा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमारा बजट 2 लाख करोड़ का है। ज्यादातर पैसा रक्षा उपकरण खरीदने में बाहर चला जाता है। इस पर मोदी का क्या कहना है। तो मोदी ने जवाब दिया, "मेरा सपना है कि एक दिन भारत दूसरे देशों को हथियार सप्लाई करे। रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियां इस बार वाइब्रेंट गुजरात में आयीं भी थीं।" एक दर्शक ने पूछा कि चीन अपनी मिलिट्री पावर बढ़ा रहा है, भारत को कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिये। इस पर मोदी ने कहा कि सैन्य शक्ति और अर्थ शक्ति में सूर्यास्त जरूर होता है। बस यह तय राष्ट्र करता है। ज्ञान ही दुनिया के विध्वंस पर निर्णय ले सकता है। भारत हमेशा अपने ज्ञान के बल पर चमकता रहा है।
पाकिस्तान पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के साथ अच्छे संबंध हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को सुगम बनाकर पाकिस्तान से रिश्तों को सुधारा जा सकता है।













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