सबसे लेट खबर देने वाले चैनल हैं सुशील कुमार शिंदे

श्रीनगर के बेमिना में स्थित पुलिस पब्लिक स्‍कूल में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हो गये। उनके घरों में मातम छा गया, किसी की मां बेटे के लिये तड़पती दिखी तो किसी की बहन भाई के लिये बिलख रही है, पत्‍नी गुमसुम बैठी है, तो बच्‍चों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। ऐसे भयावह मंजर उन जवानों के घरों पर हैं, लेकिन हमारे गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे किसी भी दशा में आतंकवाद के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे। सच पूछिए तो शिंदे पूरे देश के लिये सबसे लेट खबर देने वाले चैनल के सिवा कुछ नहीं रह गये हैं।

गृहमंत्री को यह संज्ञा देना इसलिये लाजमी है, क्‍योंकि बेमिना में हुए हमले के बाद आज उन्‍होंने संसद में सिर्फ घटना का ब्‍योरा दिया। ठीक उसी प्रकार जैसे किसी चैनल का रिपोर्टर देता है। सदन में बयान देते हुए उन्‍होंने एक भी ऐसी बात नहीं कही, जिससे देश को लगे कि हां गृहमंत्री की ओर से कोई ऐक्‍शन भी लिया गया है। उन्‍होंने कहीं भी पाकिस्‍तान के लिये आक्रामक रवैया नहीं दर्शाया, जबकि यह साबित हो चुका है कि दोनों फिदाईन हमलावर पड़ोसी देश से आये थे।

शिंदे ने ऐसा पहली बार नहीं किया है। इससे पहले हैदराबाद के दिलसुख नगर में हुए बम धमाकों के बाद भी जब विपक्ष ने गृहमंत्री से सदन में बयान देने की मांग की, तो उन्‍होंने घटना का ब्‍योरा देने के अलावा कुछ नहीं कहा। सदन में बयान देते वक्‍त शिंदे जो कुछ भी बताते हैं, वो सब कुछ देश के टीवी चैनल पहले ही दिखा चुके होते हैं। लिहाजा जब जनता सब कुछ जान चुकी है, तो सदन में बयान देने का क्‍या औचित्‍य।

हमारा सवाल सत्‍ता पक्ष और विपक्ष दोनों से है। सत्‍ता पक्ष के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे गंभीर मामलों को जब गृहमंत्री इतने हलके में लेते हैं, और अपने बयान को महज रिपोर्ट की तरह पेश करते हैं, तब आम जनता के मन में गुस्‍सा फूटने लगता है, बगल में बैठे प्रधानमंत्री या बाकी नेताओं के मन में क्‍यों नहीं गुस्‍सा आता?

दूसरा सवाल विपक्ष से है, वो यह कि जब आपको मालूम है कि गृहमंत्री बयान की जगह मात्र घटना की जानकारी देंगे, तो आप क्‍यों संसद का समय व्‍यर्थ करते हैं। सदन की कार्यवाही में भी तो आम जनता का ही पैसा जाता है न। कुल मिलाकर देखा जाये तो अब चाहे गृहमंत्री हों या प्रधानमंत्री "सदन में बयान" जैसे महत्‍वपूर्ण शब्‍दों का यहां सिर्फ मजाक बनाया जाता है और कुछ नहीं।

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