देखें आम बजट में क्या हैं मुख्य बिंदु
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम द्वारा लोकसभा में गुरुवार को वर्ष 2013-14 के लिए प्रस्तुत आम बजट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं :
-व्यक्तिगत आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, पांच लाख रुपये तक की आय के लिए 2,000 रुपये के कर क्रेडिट के जरिए पहले ब्रैकेट में राहत
-सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक आय पर 10 फीसदी अधिभार, ऐसी घोषित आय वाले सिर्फ 42,800 लोग
-महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान रक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक जवाबदेही, हाल की घटना से अत्यधिक बुरी स्थिति उजागर हुई है, हम अपनी बालिकाओं एवं महिलाओं के साथ एकजुट हैं, उन्हें सुरक्षित रखेंगे
-निर्भय कोष की स्थापना के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित
देखें- आम बजट में क्या सस्ता क्या महंगा हुआ
-महिलाओं के विकास के लिए 97 हजार करोड़ रुपये

- राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर कोई सेवा कर नहीं
- सभी वातानुकूलित रेस्तरां पर सेवा कर, वहां मदिरा परोसी जाती हो या नहीं इससे फर्क नहीं
- कृषि परीक्षण प्रक्रिया पर कोई सेवा कर नहीं
- केंद्रीय बिक्री कर और जीएसटी में अंतर के लिए राज्यों को मुआवजा देने के लिए 9,000 करोड़ रुपये आवंटित
- वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर संशोधित कानून बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा
- महंगे वाहनों पर आयात शुल्क 75 फीसदी से बढ़कर 100 फीसदी
- रखरखाव मरम्मत कायाकल्प (एमआरओ) क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए छूट
- सिगरेट पर उत्पाद शुल्क में 18 फीसदी बढ़ोतरी
- गैर-कृषि उत्पादों पर सीमा शुल्क में कोई बदलाव नहीं
- 12 फीसदी सेवा कर में कोई बदलाव नहीं
- कर चोरी रोकने के लिए संशोधित कानून एक अप्रैल 2016 से प्रभावी होगा
- राष्ट्रीय बाल कोष में योगदान के लिए 100 फीसदी कर कटौती
- तीन फीसदी शिक्षा उपकर जारी
- नकद सब्सिडी भुगतान से 11 लाख लोग लाभान्वित, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-2 के कार्यकाल (मई 2014) में देश भर में योजना लागू होगी
- सम्पत्ति हस्तांतरण को नियमित किया गया, 50 लाख रुपये से अधिक के हस्तांतरण पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) एक फीसदी
- म्यूचुअल फंड रिडेंप्शन पर कर 0.25 फसदी से घटकर 0.001 फीसदी
-कर प्रशासन सुधार आयोग की स्थापना होगी
-रक्षा क्षेत्र को दो लाख, तीन हजार, 672 करोड़ रुपये आवंटित
-कचड़े से बिजली उत्पादन की परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए शहरों को प्रोत्साहित किया जाएगा
-स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज वाले कोष उपलब्ध कराए जाएंगे
-पवन ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान
-कारोबारी साल 2012-13 में 13 सरकारी बैंकों में 12,570 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश, 2013-14 में बैसल-3 मानक पूरा करने के लिए 14 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश
-महिलाओं के लिए पहला विशेष सरकारी बैंक अक्टूबर तक खुलेगा, शुरुआती पूंजी के लिए 1,000 रुपये आवंटित
-बीमा क्षेत्र सुधार से संबंधित विधेयकों पर सहमति की उम्मीद
-सरकारी बैंकों की सभी शाखाओं पर एटीएम सुविधा
-भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को इसके रजत जयंती वर्ष में मजबूत करने के लिए कानून पर विचार
-प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) के बीच अस्पष्टता दूर की जाएगी
-10 करोड़ टन क्षमता विस्तार करने के लिए पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में दो नए बंदरगाह स्थापित होंगे
-महाराष्ट्र के डाभोल में गैस हैंडलिंग टर्मिनल का वर्ष 2013-14 में पूर्ण संचालन शुरू होगा
-राज्य सरकारों से बिजली वितरण कंपनियों के साथ पुर्नसरचना योजना पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध
-50 हजार करोड़ रुपये का कर मुक्त आधारभूत संरचना बांड जारी होगा
-अपैरल पार्क की स्थापना के लिए कपड़ा मंत्रालय को 50 करोड़ रुपये आवंटित
-1,50,000 बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए हथकरघा क्षेत्र को 96 करोड़ रुपये आवंटित
-आधारभूत संरचना डेट फंड को प्रोत्साहित किया जाएगा
-सड़क परियोजनाओं के लिए नियामकों की नियुक्ति होगी, वर्ष 2013-14 की पहली छमाही में 3,000 किलोमीटर सड़क परियोजनाएं आवंटित की जाएंगी
-आधारभूत संरचनाओं से जुड़ी परिजनाओं में 100 करोड़ रुपये निवेश करने वालों के लिए मंजूर की गई अवमूल्यन सीमा से ऊपर 15 फीसदी प्रोत्साहन भत्ता
-राजीव गांधी इक्विटी योजना का उदारीकरण
-दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के आस-पास सात नए शहर की पहचान
-बेंगलुरू-मुंबई औद्योगिक गलियारे पर प्रारंभिक कार्य शुरू
-वर्ष 2013-14 में खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान 25 करोड़ टन
-फसल विविधीकरण के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन
-पोषण समृद्ध फसल के संवर्धन के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित
-किसान-उत्पादक संगठनों के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित
-307 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ राष्ट्रीय मवेशी मिशन शुरू किया जाएगा
-उम्मीद है कि संसद खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित कर देगा, इसे लागू करने के लिए शुरुआती खर्च के तौर पर 1,000 करोड़ रुपये आवंटित
-मानव संसाधन विकास मंत्रालय को 65,867 करोड़ रुपये मिलेंगे
-मध्याह्न् भोजन योजना के लिए 13,250 करोड़ रुपये आवंटित
-एकीकृत बाल विकास योजना के लिए 17,700 करोड़ रुपये आवंटित
-पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के लिए 15,260 करोड़ रुपये
-ग्रामीण विकास मंत्रालय को 46 फीसदी अधिक 80,294 करोड़ रुपये का आवंटन, ग्रामीण रोजगार योजना के लिए 33 हजार करोड़ रुपये का आवंटन
-वर्ष 2013-14 के लिए बजटीय खर्च 16 लाख 65 हजार 297 करोड़ रुपये, योजनागत खर्च पांच लाख 55 हजार 224 करोड़ रुपये
-अनुसूचित जाति योजना के लिए 41 हजार करोड़ रुपये
-विकलांगता विभाग के लिए 110 करोड़ रुपये
-स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए 37 हजार 330 करोड़ रुपये
-संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-1 के कार्यकाल के दौरान औसत विकास दर आठ फीसदी थी, उच्च विकास दर कोई नई बात नहीं
-तेल एवं सोने के अधिक आयात के कारण चालू खाता घाटा चिंताजनक
-चालू खाता घाटा के वित्तीयन के लिए 75 अरब डॉलर की जरूरत होगी
-आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को प्रोत्साहित करने की जरूरत
-थोक मूल्य पर आधारित महंगाई दर (डब्ल्यूपीआई) घटकर सात फीसदी, खाद्य महंगाई दर अब भी चिंताजनक
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications