रेल बजट: किराया नहीं बढ़ा, सुविधाओं पर जोर
नई दिल्ली। रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने मंगलवार को लोकसभा में वर्ष 2013-14 के लिए रेल बजट पेश किया, जिसमें किराया वृद्धि का प्रस्ताव तो नहीं किया गया है, लेकिन कई तरह के सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव किया गया है। बजट में रेलवे में सुरक्षा एवं सुविधाएं बढ़ाने तथा नई ई-टिकटिंग प्रणाली शुरू करने, प्रमुख स्टेशनों पर स्वचालित सीढ़ियां लगाने, चुनिंदा रेलगाड़ियों में अधिक सुविधा संपन्न कोच लगाने की घोषणा की गई।
बंसल ने बजट पेश करते हुए लोकसभा में कहा, "भारतीय रेलवे देश के विकास से घनिष्ठ रूप से संबद्ध है।" उन्होंने कहा कि रेलवे के लिए वित्तीय स्थायित्व आवश्यक है, लेकिन इस बार किराया वृद्धि नहीं होगी, क्योंकि पिछले माह ही किराये का पुनर्निर्धारण किया जा चुका है। उन्होंने हालांकि तत्काल तथा आरक्षण के लिए कुछ शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव किया। उन्होंने इसमें हर साल पांच-छह प्रतिशत वृद्धि की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बंसल ने माल भाड़े के बारे में कहा कि ईंधन की कीमत में वृद्धि को देखते हुए इसे संतुलित करने के लिए पहली अप्रैल से पांच-छह प्रतिशत वृद्धि की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि माल भाड़ा और यात्री किराया को अलग रखा जाना चाहिए। रेलमंत्री ने कहा कि रेलवे देश के विकास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह एक महत्वपूर्ण संगठन है, जो देश को उत्तर में बारामूला से दक्षिण में कन्याकुमारी, पश्चिम में द्वारका से पूरब में लेडो को जोड़ता है।
उन्होंने इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ में लोगों की मौत पर दुख जताया और कहा कि सुरक्षा की ठोस योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 13,000 मानवरहित रेलवे फाटकों को यंत्रचालित किया जाएगा, प्रथम श्रेणी के स्टेशनों पर 400 लिफ्ट और 179 स्वचालित सीढ़ियां लगाई जाएंगी।
बंसल ने यह भी कहा कि वह आईआरसीटीसी की वेबसाइट से आरक्षण कराने वालों की मुश्किलों से वाकिफ हैं और इसलिए नई ई-टिकटिंग प्रणाली शुरू की जाएगी, जिससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग की गति तेज होगी। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में एक मिनट के भीतर 7,200 टिकट बुक करने की क्षमता होगी, जबकि मौजूदा क्षमता एक मिनट में 2,000 टिकट बुक करने की है। गौरतलब है कि भारत का रेलवे नेटवर्क 64,000 किलोमीटर तक फैला है, जिसमें 7,083 स्टेशन हैं। करीब 12,000 यात्री रेलगाड़ियां प्रतिदिन 2.3 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं, जबकि 7,000 मालगाड़ियां 26.5 लाख टन वस्तुओं की ढुलाई करती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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