हैदराबाद धमाके- जानिए क्या कह रहे हैं देश के नेता
नई दिल्ली। हैदराबाद में हुए धमाकों की गूंज आखिरकार लोकसभा और राज्यसभा तक पहुंच ही गई। भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही शुरू होने के पांच मिनट के अंदर लोकसभा की और 8 मिनट में राज्य सभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिये स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दलों ने इस मामले पर सदन में चर्चा की मांग की है। वहीं सरकार का कहना है कि ढाई बजे गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे सदन में बयान देंगे।
बजट सत्र के दूसरे दिन लोकसभा और राज्यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू हुई। सबसे पहले हैदराबाद धमाकों के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। 2 मिनट का मौन खत्म होते ही तमाम भाजपा नेता वेल में उतर आये और हंगामा करने लगे। विपक्षी दलों का कहना है कि जब सरकार को पहले से चतावनी दी गई थी, तो धमाके कैसे हुए।
असल में हंगामें का एक सबसे बड़ा कारण खुद गृहमंत्री भी हैं। उन्होंने खुद मीडिया के सामने कह दिया कि यह पुलिस की नाकामी का परिणाम है। दूसरी अहम बात यह कि ब्रिटेन खुफिया विभाग ने भारत को चेताया था, कि इंडियन मुजाहिदीन धमाके कर सकता है, फिर भी भारत सरकार चेती नहीं और यह सोचकर कि उनके प्रधानमंत्री डेविड कैमरन आ रहे हैं इसलिये ऐसा कह रहे हैं। अभी तक की जांच से धमाकों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन के होने का हाथ दिख रहा है।
संसद में किसने क्या कहा? ताज़ा अपडेट के लिये कृपया रिफ्रेश करें।

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने हैदराबाद धमाकों पर अफसोस जताया और जब विपक्ष हंगामा करने लगा तो उन्होंने कहा कि सरकार सभी सवालों का जवाब देगी, कृपया शांत कोकर चर्चा में हिस्सा लें।

सुषमा स्वराज
भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को कहा कि राज्यों को खुफिया जानकारी मिलने के बावजूद हैदराबाद बम विस्फोट जैसी घटना होना एक 'बड़ी चूक' है। उन्होंने सभी दलों से एकजुट होकर आतंकवाद से लड़ने का आह्वान किया। गुरुवार की शाम हैदराबाद में हुए दो बम विस्फोटों में 16 लोगों की मौत हो जाने की घटना पर लोकसभा में बहस की शुरुआत करते हुए विपक्ष की नेता ने कहा कि पहले से खुफिया जानकारी रहने पर सरकार की जवाबदेही बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा, "गृह मंत्री कहते हैं कि इसकी खुफिया जानकारी पहले से थी और जानकारी राज्यों को दे दी गई थी। यदि पहले से सतर्क कर दिया गया था, फिर भी हमला हुआ और निर्दोष लोगों का मारा जाना एक बड़ी चूक है। यदि आतंकवादी हमले के बारे में पहले से खुफिया जानकारी थी, तो सरकार की जवाहदेही और भी बढ़ जाती है..राज्य व केंद्र की सरकारें क्या कर रही थीं। आतंकवादियों का कोई मजहब नहीं होता। देश को आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए।"

मुलायम सिंह यादव
मुलायम सिंह यादव ने कहा- आप कह रहे हैं कि गृहमंत्री को आने के बाद ही हम कुछ कहेंगे, ये कौन सी बात हुई। अब तक आपके पास जो पक्ष है वो रखिये शिंदे का इंतजार क्यों किया जा रहा है। हम सरकार के साथ हैं, लेकिन हम ही नहीं पूरा देश पूछना चाहता है कि जब हमारी सेनाएं तत्पर हैं, खुफिया विभाग मजबूत किया जा रहा है तो आतंकवादियों के मंसूबे क्यों कामयाब हो रहे हैं?

बासुदेव आचार्य
सीपीएम सांसद बासुदेव आचार्य ने सरकार से पूछा कि सरकार ये बताये आखिर चूक कहां हुई?

शरद यादव
जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा- इस सरकार का कोई ऐतबार नहीं। हर बार बम ब्लास्ट होंगे लोग मरेंगे और ये मुआवजा देते रहेंगे। मेरी बिनती यह है कि जो चीजें हमें मालूम है, उन बातों को कृपया मत दोहरायें। कोई ठोस बात हो तो बतायें। जो खब सरकार को मालूम थी, उस खबर का क्या स्रोत था। देश बेचैन है और यह बंद होना चाहिये। हम सहयोग करने को तैयार हैं आप बताइये क्या सहयोग करना है।

सुनील बंदोपाध्याय
सांसद सुनील बंदोपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि हम माओवादियों के हमलों को नाकाम करने में सफल हुए हैं। एक तरफ से आतंकवादी हमला कर रहे हैं दूसरी तरफ से माओवदी। हम बीच में खड़े हैं। हूजी, जैश-ए-मोहम्मद, इंडियन मुजाहिदीन आदि सक्रिय हैं। कहा जाता है कि इंडियन मुजाहिदीन हैदराबाद से ऑपरेट होती है, तो हम उनकी धरपकड़ में सफल क्यों नहीं होते।

अनंद गंगाराम
महाराष्ट्र से सांसद अनंत गंगाराम ने कहा कि हर बार हम आतंकवादी घटना में पाकिस्तान को दोष देते रहे हैं। जितने भी आतंकवादी संगठन सीमा पार और देश के अंदर चल रहे हैं उनकी जानकारी सरकार को है। सरकार को पता है कि कहां-कहां आतंकी संगठन सक्रिय हैं। लेकिन किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचे, इसलिये हम कार्रवाई नहीं करते। देश की सुरक्षा किसी की भावनाओं से कहीं ऊपर है। व्यक्ति किसी भी धर्म का हो, किसी भी राज्य का हो। शिंदे अगर बयान दें, तो केवल तथ्यों की जानकारी देने न आयें।

नमा नागेश्वरा राव
आंध्र प्रदेश के सांसद नमा नागेश्वरा राव ने कहा कि छह महीने पहले जिस आतंकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उसने दिलसुखनगर और बेगमपेट में आतंकी हमले की बात कही थी, तो भी हमारी पुलिस कुछ नहीं कर पायी। आज दिलसुख नगर दिलदुख नगर हो गया है। देश दुखी है। देश में 30 धमाकों में 950 लोग मारे गये। हैदाबाद में पुलिस कंट्रोलरूम के बगल में ब्लास्ट हुआ। इसे हम सरकार का फेलियर नहीं है तो क्या है?

गुरुदास दासगुप्ता
सीपीआई नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा- जिस समय अफजल गुरु को फांसी दी गई थी, तभी से इस बात की आशंका थी कि कहीं न कहीं धमाके हो सकते हैं। आतंकवादी इस समय लगे हुए हैं कि किसी तरह देश में अस्थिरता लायी जाये। गृहमंत्री ने बड़ी आसानी से कह दिया कि हमने पहले ही आंध्र प्रदेश सरकार को चेतावनी दे दी थी। हम पूछना चाहते हैं कि केंद्र में बैठे होने के नाते उनकी क्या जिम्मेदारी थी। उन्होंने केंद्र की तरफ से क्या कदम उठाये।

सुशील कुमार शिंदे
विस्फोट स्थलों का मुआयना करने और घायलों से अस्पतालों में मिलने के बाद शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि घायलों में से छह की हालत नाजुक है। हम मामले में और अधिक जानकारी नहीं दे सकते, क्योंकि संसद का सत्र अभी चल रहा है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने जांच दल का गठन किया है और जांच की जा रही है। इसकी स्पष्ट सूचना नहीं थी कि विस्फोट किस क्षेत्र में होंगे। दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट देशभर में जारी किया गया था।"

वैंकैया नायडू
राज्यसभा भंग होने के बारे में जैसे ही घोषणा हुई भाजपा नेता वेंकैया नायडू गुस्से से लाल पीले हो गए। नायडू ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे पर आपत्तिजनक बयान दिया है। इस पर राज्य सभा में काफी हंगामा हो रहा है। वेंकैया नायडू ने गुस्से में कहा कि भाड़ में जाएं गृह मंत्री।

मनमोहन सिंह
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार शाम हैदराबाद में हुए विस्फोट को 'कायराना हमला' करार दिया और कहा कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के हवाले से उनके कार्यालय (पीएमओ) ने ट्वीट किया है, "यह एक कायराना हमला है, दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।" पीएम ने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री ने बम विस्फोटों की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री ने लोगों से धर्य और शांति बनाए रखने की अपील की है। पीएमओ द्वारा ट्वीट में कहा गया है, "प्रधानमंत्री ने सभी केंद्रीय एजेंसियों को राहत कार्यो में आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों को सभी संभव सहायता मुहैया कराने को कहा है।"












Click it and Unblock the Notifications