बजट सत्र में दम दिखाने को तैयार विपक्ष

हाल ही में प्रकाश में आए हेलीकॉप्टर घोटाला, पीजे कुरियन और हिंदू आतंकवाद पर गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की विवादास्पद बयान जैसे कई विवादित मसलें है जिसपर बीजेपी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश करेंगी। इन मुद्दों को देखते हुए सत्र को हो-हंगामें दार बनाने के लिए बीजेपी ने अपनी कमर कस ली है।
अगर देखा जाए तो बीजेपी के पास कांग्रेस सरकार की नींद उड़ाने वाले मुद्दों की लंबी-चौड़ी फेहरिस्त है। हिंदू आतंकवाद संबंधी बयान पर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह तो संसद के भीतर और बाहरपहले से ही गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को घेराव ऐलान कर चुके है। ऐसे में बीजेपी के तीरों से बचने के लिए सरकार विधेयकों और जनहित से जुड़े मसलों को ढ़ाल बनाकर अपना बचाव करने में जुटी है। वैसे भी 2014 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस नेता बजट में आम जनता को भारी राहत देने की मांग कर रहे हैं।
नेताओं के इन मांगों को देखते हुए वित्त मंत्री पी. चिदंबरम कांग्रेस नेताओं के साथ बजट सत्र से पहले विचार-विमर्श करेंगे। इसके अलावा इस सत्र में यूपीए सरकार कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के बाद ही मतदाताओं के सामने जाना चाहती है। सरकार के पास वैसे भी इस चुनाव के लिए कोई मुद्दा नहीं है ऐसे में यूपीए सरकार जनता को बजट में थोड़ी बहुत राहत देकर लोगों के वोट लेने की कोशिश कर रही है। वैसे भी सूर्यनेल्ली गैंगरेप में कुरियन का नाम आने से कांगेस की चिंता और बढ़ा दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जब बलात्कार रोधी अध्यादेश पर राज्यसभा में चर्चा होगी तो आसन पर कुरियन का बैठना काफी शर्मिंदगी भरा होगा। दूसरे मोर्चे पर बीजेपी अड़ी हुई है कि हिंदू आतंकवाद संबंधी बयान पर पहले गृहमंत्री माफी मांगे तभी उनकी पार्जटी सत्र चलने दे सकती है।
भाजपा कैसे घेरेगी?
1. विपक्षी पार्टी नेता सदन के रूप में शिंदे द्वारा बुलाई जाने वाली किसी भी बैठक में शामिल नहीं होगी।
2. लोकपाल संशोधन विधेयक पर वाम दलों के साथ अपने अहम सुझाव शामिल नहीं करने पर खफा है।
3. कृषि कर्ज छूट योजना पर कैग रिपोर्ट का मुद्दा उठाएगी, जिसमें बडे़ पैमाने पर धांधली का जिक्र है।
4. सरकार ने वर्मा समिति की रिपोर्ट मिलने पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही, पर बलात्कार रोधी अध्यादेश एकतरफा जारी किया।
5. सूर्यनेल्ली गैंगरेप में कुरियन का नाम आने के बाद वाम दल उपसभापति पद से उनका इस्तीफा मांग रहे हैं, भाजपा भी यही चाहती है।
कैसे बचेगी सरकार?
1. आपराधिक कानून संशोधन, सेबी संशोधन और संसद-विधानसभा क्षेत्रों में एससी-एसटी व ओबीसी पुनर्समायोजन अध्यादेश के बदले बिल पारित कराने की कोशिश करेगी।
2. लोकपाल संशोधन विधेयक और खाद्य सुरक्षा विधेयक यूपीए सरकार के एजेंडे में शीर्ष प्राथमिकता पर हैं और इसे बजट सत्र में पेश करने का संकेत भी दे चुकी है।
3. आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए सरकार लोक लुभावन बजट पेश कर सकती है, क्योंकि कांगे्रस के वरिष्ठ नेता ऐसा करने के पक्ष में हैं।
4. राज्यसभा में बलात्कार रोधी अध्यादेश पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में उपसभापति को शर्मिंदगी से बचाने के लिए कांगे्रस सत्र से पहले कोई कदम उठा सकती है।
संसद सत्र
बजट सत्र शुरू- 21 फरवरी
रेल बजट- 26 फरवरी
आर्थिक समीक्षा- 27 फरवरी
आम बजट - 28 फरवरी
22 मार्च से फिर शुरू होगा, 22 अप्रैल तक चलेगा
इस दौरान दोनों सदनों की बैठक 10 मई तक चलेगी












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