हिन्दी को तरजीह दे रहे देश के कई बड़े ब्रांड
बेंगलूरु। हिन्दी दिवस आता है, तो लोग पश्चिमी देशों के उत्पादों और अंग्रेजी प्रभाव को कोसने लगते हैं। लेकिन अगर आप यह सोच रहे हैं कि हजारों भाषाओं के बीच हिदी अपना अस्तित्व खो रही है, तो आप गलत हैं। क्योंकि भारत में पैर पसार चुके कई बड़े ब्रांड अब हिन्दी को तरजीह देर रहे हैं। इसका ताज़ा उदाहरण है ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा।
महिंद्रा ने अपनी नई बाइक महिंद्रा पंटेरो लॉन्च की और उससे संबंधित तमाम जानकारियां हिन्दी में देने के प्रयास किये हैं। ऑटो इंडस्ट्री में बड़े ब्रांड के रूप में मशहूर इस कंपनी ने यह सुविधा खास तौर से मोबाइल इंटरनेट यूजर्स के लिये दी है। आप अपने मोबाइल पर mahindrapantero.com टाइप कर बाइक के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।

हिन्दी के सफर में इस महत्वपूर्ण कड़ी में देश के कई बड़े ब्रांड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अगर इंश्योरेंस सेक्टर की बात करें तो सबसे बड़े ब्रांड एलआईसी इंडिया अपने उत्पादों से जुड़ी हर जानकारी अपनी वेबसाइट पर हिन्दी में उपलबध कराता है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक देश का पहला प्राइवेट बैंक है, जिसने अपने ग्राहकों के लिये विशेष तौर पर हिन्दी में पोर्टल तैयार किया। वहीं सरकारी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, आदि तमाम बैंक हैं, जिनके लिये हिन्दी महत्वपूर्ण है। इसी तरह टेलीकॉम कंपनियों में टाटा टेलीकम्यूनिकेशन और बीएसएनएल अपने हिन्दी भाषी ग्राहकों का खास खयाल रखती हैं।
कई ब्रांड ऐसे भी हैं, जिन्होंने हिन्दी भाषा में वेबसाइट भले ही नहीं तैयार की हों, लेकिन उनके उत्पादों के स्लोगन में देसीपन जरूर झलकता है। सबसे पहले नाम आता है टाटा नमक का, जिसके हर पोस्टर-बैनर पर आपको लिखा मिलेगा 'देश का नमक'। वहीं मैगी ने तो अपने एक प्रॉडक्ट का नाम बदल कर 'मेरी मैगी' कर दिया। हीरोमोटो की पंचलाइन है- 'हममे है हीरो'।
कुल मिलाकर देखा जाये तो इंटरनेट पर तेजी से दौड़ रही हिन्दी भाषा के लिये यह भी किसी ब्रांड प्रोमोशन से कम नहीं है। जाहिर है अगर मेरी मैगी भारत के बाहर जायेगी, तो मेरा ही नाम रौशन होगा।












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