नरेंद्र मोदी के रास्‍ते पर बराक ओबामा!

अहमदाबाद। आज सुबह मैं अमेरिका के राष्‍ट्रपति बराक ओबामा का भाषण सुन रहा था। उनके भाषण को सुनने के बाद मेरा दिमाग एक सप्‍ताह पीछे चला गया, जब भारत में भी किसी नेता ने ठीक वैसा ही भाषण दिया था। दोनों का मुद्दा भी वही था और ओबामा ने ठीक वही बातें बोलीं, जो उस नेता ने कही थीं। वो नेता और कोई नहीं गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।

जब मैं ओबामा को सुन रहा था, तो मुझे कुछ देर के लिये लगा कि मैं एसआरसीसी के ऑडीटोरियम में बैठकर मोदी को सुन रहा हूं या फिर वाइब्रेंट गुजरात सम्मिट के किसी सेमिनार में बैठा हूं। राजनीतिक लाभ के लिये नेता दुनिया भर की बातें करते हैं, लेकिन एक अच्‍छे शासक की भाषा हमेशा सधी हुई होती है, चाहे वो विकसित देश में हो या फिर विकासशील देश में। मोदी की तरह ओबामा भी एक महत्‍वकांक्षा को संबोधित कर रहे थे। यह वो भाषण था, जिसने समाज के आगे आने वाले पथ की व्‍याख्‍या की।

Narendra Modi, Barack Obama

यह अर्थव्‍यवस्‍था है

कुछ समय पले बिल क्लिंटन ने लड़खड़ाती हुई अर्थव्‍यवस्‍था के बल पर जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश सीनियर को व्‍हाइट हाउस से बेदखल करने का काम किया। यहां तक आज भी एक स्‍वप्‍नदर्शी राजनेता राजनीतिक मुद्दों से ऊपर उठकर बात करते हैं। आज लोग विकास की दूरदर्शिता को सुनना चाहते हैं। आज लोग, विशेषकर युवाओं को इससे मतलब नहीं है कि मोतीलाल नेहरू जमीन पर सोये थे या सुबह चार बजे अंधेरा था। वो बात करना चाहते हैं नौकरी और अवसरों की, जो उन्‍हें चमकने का मौका देते हैं।

शुरुआत में अपने भाषण में ओबामा ने कहा, "हमारी अर्थव्‍यवस्‍था नौकरियां जोड़ रही है, लेकिन अभी भी ढेर सारे लोगों को फुलटाइम रोजगार नहीं मिल पा रहा है।... हमारी पहली प्राथमिकता अमेरिका को नई नौकरियों और उत्‍पादन क्षेत्र के लिये चुंबक बनाने की है।" ओबामा ने जो कहा, वो मोदी की दूरदर्शी सोच से अलग नहीं था, जो उनहोंने गुजरात को देश के सबसे बड़े रोजगार जनक के रूप में विकसित किया। देश में 72 फीसदी नौकरियां गुजरात में पैदा हुईं। बेरोजगारी के मामले में गुजरात सबसे नीचे है। जिस समय अमेरिका से आउटसोर्सिंग की बात चल रही थी, तब मोदी ने एक कदम ऊपर उठकर बार-बार एक ही बात पर जोर दिया भारत में कोई ऐसा भाग नहीं है, जहां से कोई शांति और स्‍वाभिमान के साथ रोजीरोटी कमाने गुजरात नहीं आया हो।

उत्‍पादन, रचनात्‍मकता और रचनात्‍मक उत्‍पादन

पुन:स्फूर्तिदायक उत्‍पादन क्षेत्र ओबामा के भाषण का मुख्‍य बिंदु था। उन्‍होंने उस पर रौशनी डाली, कि कैसे कैटरपिलर जापान से रोजगार खींच कर ला रही है, कैसे इंटेल अपने प्‍लांट अमेरिका में खोल रहा है, कैसे एप्‍पल अमेरिका में मैक्‍स बना रहा है या अमेरिकन लोग अमेरिकी कार खरीद रहे हैं। ये सभी बातें उनके स्‍पष्‍टदर्शी विजन को दर्शाते हैं, जिसकी 21वीं सदी में जरूरत भी है।

वाइब्रेंट गुजरात समिट 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी लगभग इन्‍हीं बातों पर ध्‍यान केंद्रित किया था। उन्‍होंने 'जीरो डिफेक्‍ट' का मंत्र दिया और उत्‍पादन क्षेत्र को मजबूत करने पर अच्‍छी पैकेजिंग पर ध्‍यान देने की जरूरत व्‍यक्‍त की। मेरी याद में ये एक मात्र नेता हैं, जिन्‍होंने 'मेड इन इंडिया' ब्रांड को ऊपर उठाने की बात कही, जिस वक्‍त केंद्र हर चीज विदेशियों के हाथों बेच रहे हैं।

एक अन्‍य बात यह कि मोदी ने कुछ साल पहले रचनात्‍मकता पर जोर दिया था। एक बार फिर वो समय आया, जब उन्‍होंने युवाओं का आह्वान किया नये-नये इन्‍नोवेशन करने के लिये। उनसे कहा कि वो नये आईडिया के साथ गुजरात को विकसित करें। सितंबर 2011 को उन्‍होंने आईक्रिएट नाम का केंद्र शुरू किया, जो युवाओं के लिये है। यदि युवाओं के पास आईडिया हों, तो गुजरात सरकार का यह प्‍लेटफॉर्म उनके सपने को हकीकत में परिवर्तित करने का काम करेगा।

ठीक यही काम ओबामा ने अपने भाषण में कही। ओबामा ने इन्‍नोवेशन की बात करते हुए उत्‍पादन क्षेत्र को बढ़ाने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि सरकार पहली बार ओहियो में इन्‍नोवेशन इंस्‍टीट्यूट खोला है और जल्‍द ही कई अन्‍य शहरों में भी खुलेगा।

मिडिल क्‍लास और उनकी उम्‍मीदों की बात की ओबामा ने

2012 में गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोदी पहले ऐसे नेता थे, जिन्‍होंने नियो-मिडिल क्‍लास की बात की और उनके हितों, उनके सामने चुनौतियों की बात की। उनकी यही बात उन्‍हें एक बार फिर मुख्‍यमंत्री की कुर्सी तक ले गई। ठीक उसी प्रकार ओबामा ने अब कहा है कि वो मिडिल क्‍लास को मजबूत करना चाहते हैं। ओबामा ने कहा कि कोई भी देश या समाज तब तक तरक्‍की नहीं कर सकता, जब तक मिडिल क्‍लास नाखुश है।

नामो और बीओ

बार-बार नरेंद्र मोदी ने कहा है कि तीन स्‍तंभ हैं, जिन पर भविष्‍य टिका हुआ है। आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी), बीटी (बायो टेक्‍नोलॉजी) और ईटभ्‍ (इनवायर्नमेंट टेक्‍नोलॉजी)। जहां बीजिंग समेत दुनिया के कई शहर पर्यावरण के प्रति चिंतित हैं, वहीं मोदी के नेतृत्‍व में गुजरात ने भी पर्यावरण को स्‍वच्‍छ बनाये रखने के लिये कई कदम उठाये।

ये सभी पहल दर्शाती हैं कि मोदी इस बात को मानते हैं कि हमें जलवायु में हो रहे नकारात्‍मक परिवर्तन को सिर्फ अभी के लिये नहीं बल्कि भविष्‍य के लिये घटाना चाहिये। इसमें कोई आश्‍चर्य की बात नहीं कि गुजरात दुनिया के चार राज्‍यों में से एक है, जहां जलवायु परिवर्तन पर अलग से विभाग है। रिन्‍युवेबल एनर्जी का इस्‍तेमाल करने के लिये गुजरात पहले ही प्रख्‍यात हो चुका है। मोदी की किताब 'कंवीनियंट ऐक्‍शन' उन लोगों के लिये है, जो यह जानना चाहते हैं कि कैसे राज्‍य सरकार उनके रहने के लिये साफ-सुथरी जगह बना सकती है।

युवाओं के लिये स्किल डेवलपमेंट

ओबामा ने एक चीज पर अच्‍छी तरह केंद्रित किया कि हम उत्‍पादन, ऊर्जा, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, आदि सभी क्षेत्रों में बड़े-बड़े कदम उठा सकते हैं, लेकिन ये सब बेकार साबित होंगे अगर हमारे नागरिकों के पास स्किल नहीं होंगे। यानी उन्‍हें स्किल ट्रेनिंग की जरूरत है। वहीं इससे पहले एसआरसीसी में नरेंद्र मोदी ने भी यही बात कही थी। उन्‍होंने कहा था कि आज के युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की जरूरत है। इसकी शुरुआत आईटीआई से हो सकती है।

ओबामा ने कहा कि हाईस्‍कूल का डिप्‍लोमा ऐसा हो, जो नौकरी के रास्‍ते पर ले जाये। वहीं मोदी ने कहा आईटीआई का ढांचा ऐसा हो, जो उनके लिये अवसर खोले ओर किसी भी युवा के लिये नौकरी के दरवाजे बंद नहीं हों। मोदी ने हाल ही में आईटीआई के 65 हजार युवाओं को नौकरी के ऑफर लेटर दिये।

जब मोदी गूगल प्‍लस हैंगहाउट पर आये, तो मीडिया खबर आयी, कि 'ओबामा के रास्‍ते पर मोदी'। मोदी के हैंगआउट को एक सप्‍ताह में 555,000 क्लिक्‍स मिले, जबकि ओबामा के हैंगआउट को 7 महीने में 712,000 क्लिक्‍स मिले। यहां पर मोदी की एसआरसीसी की स्‍पीच और ओबामा के भाषण को सुनने के बाद आप क्‍या कहेंगे? मैं तो यही कहूगा- ओबामा हैं, जो मोदी के रास्‍ते पर चल रहे हैं!

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+