केजरीवाल सिर्फ निजी लाभ के लिए दिल्ली सरकार पर आरोप लगा रहे हैं

उनका कहना था कि शीला दीक्षित ने बिजली नियामक आयोग को ऐसे आदेश जारी करने से रोका जिससे कि बिजली की कीमतों में 23 फीसदी की कमी हो सकती थी। केजरीवाल ने कैग द्वारा इसकी जांच कराने की जरूरत बताई थी। वहीं इन आरोपों का जवाब देते हुए शीला दीक्षित का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह से झूठे है। इनमें कोई सच्चाई नहीं है।
केजरीवाल ने बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों पर यह भी आरोप लगाये कि उन्होने अपने रिकॉर्ड में हेरफेर कर लगातार घोटाले किये हैं। इस पर बीएसइएस यमुना पावर लिमिटेड और बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड का कहना है कि निजी लाभ के लिए किसी संस्था पर इस प्रकार के आरोप लगाना पूरी तरह गलत है और निंदनीय है। यह बिल्कुल भी सच नहीं है।
इस पर 2010 में दिल्ली के विजली मंत्री रहे हारून यूसुफ का कहना है कि दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियों द्वारा कोई भी घोटाला नहीं किया गया है और हम किसी भी जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।












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