मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं: आशीष नंदी
पिछले दिनों जयपुर के साहित्य सम्मेलन में उन्होने कहा था कि ज्यादातर भ्रष्टाचार करने वाले लोग दलित और पिछड़ी जातियों के हैं। उन्होने कहा कि मुझे दलितों और आदिवासियों के लिए काम करते हुए 45 वर्ष हो गये हैं और मैं उनका समर्थन करता हूं।
साहित्य सम्मेलन में दिये गये अपने दलित विरोधी बयान के बाद उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 506 के अन्तर्गत एफआईआर दायर की गई हैं।
बाद में उन्होने कहा था कि मेरा इरादा किसी को दुख पहुंचाना नहीं था। उनके इस विवादास्पद बयान के खिलाफ 'बहुजन समाज संघर्ष समिति' के बैनर तले दलितों द्वारा विरोध किया जा रहा है। उनके इस बयान पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पुनिया ने कहा है कि उन्होने यह बयान देकर एक बड़ा अपराध किया है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
इस बयान पर लोकसभा में स्पीकर मीरा कुमार ने कहा है कि जाति व्यवस्था एक गुलामी की तरह है। गुलाम को भले ही कुछ समय के लिए मुक्ति मिल जाय लेकिन दलित को हमेशा मुश्किल झेलनी पड़ती है। यह बयान अपमानजनक है।













Click it and Unblock the Notifications