कांग्रेस चिंतन शिविर: तय होगी 2014 की रणनीति

इसके अलावा भ्रष्टाचार एक ऐसी समस्या है जिसने यूपीए के दूसरे शासन काल को सबसे ज्यादा सवालों में घेरा है। वहीं कई ऐसे भी राज्य है जहां पिछले दो दशकों से कांग्रेस की सत्ता नहीं है अत: ऐसे राज्यों के लिए एक पुख्ता नीति तैयार की जाएगी। राजनीतिक समस्याओं से निपटने के लिए एक विशेष सत्र होगा, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री ए के एंटनी करेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में महंगाई और खाद्य सुरक्षा योजना पर एक सत्र का आयोजन किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों को रोंकने के लिए गिरिजा व्यास की अध्यक्षता में महिला सशक्तिकरण विषय पर चर्चा होगी। कांग्रेस अपने बचे हुए कार्यकाल में राजनीति में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण वाले बिल को भी पास करने की योजना बना रही है। जिससे कि दिल्ली गैंग रेप की घटना के बाद हुई सरकार की शर्मिंदगी पर पर्दा डाला जा सके।
भारत पाकिस्तान के वर्तमान रिश्तों को लेकर भी एक सत्र का आयोजन किया जायेगा। जिसकी अध्यक्षता वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा करेंगे। कांग्रेस में अगले चुनाव में युवाओं को जिम्मेदारी दिये जाने पर भी चर्चा होगी। जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद करेंगे।
पार्टी के सामने चुनौतियां बहुत है। अब यह देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस आलाकमान इन चुनौतियों से पार पाने में कैसे कामयाब रहता है। हाल ही की घटनाओं ने कांग्रेस को सिर्फ बचाव की मुद्रा में ही देखा गया है। पार्टी नेताओं ने सिर्फ सत्ता बचाने की ही कोशिश की है। यूपीए कभी भी आगे आकर जिम्मेदारी लेता हुआ नहीं दिखा। अत: जनता को भी इस सरकार से कुछ खास उम्मीदें नहीं हैं।












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