किंगफिशर के सात और विमान किये जा सकते हैं जब्त

गौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस पहले से ही आर्थिक समस्याओं का सामना कर रही है, जिसके कारण वह अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं दे पा रही थी। इसी कारण कम्पनी के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी, कंपनी प्रबंधन द्वारा निर्णय लेने के बाद कर्मचारी काम पर लौटे थे और अब फिर से कंपनी पर संकट मंडरा रहा है।
कंपनी को ब्याज समेत 77 करोड़ रूपये और अन्य मदों के भुगतान के लिए 128 करोड़ रूपये सरकार को भुगतान करना होगा।
किंगफिशर पर 7000 करोड़ रूपये का कर्ज है, ऐसा माना जा रहा है कंपनी प्रबंधन के साथ 17 दिसंबर को होने वाली बैठक में चेयरमैन विजय माल्या कोई निर्णय लेंगे।
सरकार का मानना है कि कंपनी भारी घाटे में है, किंगफिशर का लाइसेंस पहले ही निरस्त कर दिया गया है अत: इसका दोबारा उड़ान भरना संभव नहीं है। कर्ज को देखते हुए सरकार ने विमानों को जब्त करना शुरू कर दिया है।












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