यूपी विधानसभा में हंगामा- सपा Vs बसपा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा काफी पहले से ही हंगामों के लिये बदनाम है। यहां पर ऐसे-ऐसे हंगामें हुए हैं, कि विधायकों ने माइक और कुर्सियां उठा-उठा कर फेंकी हैं। खैर आज जो हुआ वो सब जानते हैं। बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा काटा और शीतकालीन सत्र चलने नहीं दिया। तो इसमें नया क्या है, कल तक सपा भी तो यही काम करती थी।
यूपी में शुक्रवार को शुरू हुए विधानसभा सत्र के दूसरे दिन आज सोमवार को सदन में विपक्षी दल बहुजन समाज पार्टी ने सत्ता पक्ष पर हमला बोल दिया। मुद्दे थे प्रदेश की कानून व्यवस्था और गन्ना के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी। इन दो बातों को लेकर जमकर हंगामा हुआ और विधानसभा और विधान परिषद दोनों कल तक के लिये स्थगित हो गई। भारी हंगामे के बीच विधानसभा में राज्य का अनुपूरक बजट भी पेश किया गया। खैर मंगलवार को इस पर चर्चा होने की संभावना है।
बसपाईयों ने अखिलेश सरकार के खिलाफ पोस्टर लहराये और सभापति के आसन के करीब जाकर नारेबाजी की। इसमें बसपा का साथ भाजपा और रलोद ने भी दिया। विपक्षी दलों ने सभापति से विधानसभा की कार्यवाही दस दिन बढ़ाने की भी मांग की। विपक्ष का कहना है कि सत्र इतना छोटा है कि कोई भी चर्चा संभव नहीं है। इस बार का सत्र 23 से 30 नवंबर तक का ही है।
मजेदार बात यह है कि सदन की कार्यवाही स्थगित होते ही विधान भवन से बाहर निकलते वक्त सपा विधायकों ने बसपाईयों को कोसना शुरू कर दिया। विधायकों ने कहा कि बसपा न तो राज्य को खुद चला पायी और न हमें चलाने दे रही है।
सच पूछिए तो सपा को बसपाईयों को कोसने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि मायावती सरकार के वक्त सपा विधायक भी ऐसे ही पोस्टर बैनर लेकर सदन में आते थे और हंगामा करते थे। वनइंडिया आपके सामने कुछ तस्वीरें पेश कर रहा है। इनमें आज की तस्वीर है, जब सरकार सपा की है और विपक्ष बसपा, वहीं आगे की तस्वीरें फाइल फोटो के रूप में हैं, जिनमें सरकार बसपा की और विधायक बसपा के।
इन तस्वीरों को देख आप खुद समझ जायेंगे कि सारे नेता एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।

यूपी विधानसभा की आज की तस्वीर
यह है उत्तर प्रदेश विधानसभा की आज की तस्वीर, जिसमें बसपा के नेता अखिलेश यादव की सरकार के खिलाफ पोस्टर बैनर लेकर सदन में घुस आये हैं और हंगामा कर रहे हैं।

सदन में विरोध प्रदर्शन
बसपा के नेताओं ने आज सपा सरकार के खिलाफ राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर जमकर विरोध किया। इस विरोध में कई बार ये नेता सभापति के डायस के करीब तक चले गये।

पिछले साल की तस्वीर
यह तस्वीर पिछले शीतकालीन सत्र की है, जब मायावती की सरकार थी। उस समय सपा विधायकों ने पोस्टर बैनर लेकर सदन के अंदर कुछ इस प्रकार हंगामा किया था।

एक ही थाली के चट्टे-बट्टे
यह तस्वीर पिछले शीतकालीन सत्र की है, जब मायावती की सरकार थी। उस समय सपा विधायकों ने पोस्टर बैनर लेकर सदन के अंदर कुछ इस प्रकार हंगामा किया था। आप समझ गये होंगे कि ये सभी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।

सपाईयों ने भी किया था ऐसे ही हंगामा
यह तस्वीर पिछले शीतकालीन सत्र की है, जब मायावती की सरकार थी। उस समय सपा विधायकों ने पोस्टर बैनर लेकर सदन के अंदर कुछ इस प्रकार हंगामा किया था।

मायावती के लिये लाये थे रुपयों की माला
पिछले साल शीतकालीन सत्र में विपक्षी दलों के विधायक तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के लिये रुपयों की माला लेकर आये थे। अगर रुपयों की गड्डी लहराना कानूनी रूप से गलत है तो यह क्यों नहीं?












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