गडकरी ने जेठमलानी को मोदी के कारण निलंबित किया!

मालूम हो कि मोदी को पीएम पद के लिए बेस्ट बताने वाले राम जेठमलानी के ऊपर हमेशा यह आरोप लगते हैं कि वो गडकरी के खिलाफ इसलिए मोर्चा खोले बैठे हैं क्योंकि मोदी और गडकरी में आपस में नहीं बनती और मोदी के ही कहने पर वो गडकरी का इस्तीफा मांग रहे हैं। इसलिए बीजेपी से क्लीन चिट मिलने के बाद गडकरी ने राम जेठमलानी को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अगर बागी तेवर ही इसकी वजह है तो गडकरी को यशवंत सिन्हा को भी निलंबित करना चाहिए था क्योंकि यशवंत सिन्हा ने भी खुलकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीन गडकरी के इस्तीफे की मांग की थी लेकिन पार्टी की ओर से ना तो सिन्हा को कुछ कहा गया और ना ही उनके बयान को तवज्जो दी गयी। लेकिन राम जेठमलानी को फिलहाल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है।
जिससे संकेत मिलते हैं कि भाजपा के अंदर सबकुछ सही नहीं चल रहा है। एक खेमा गडकरी के साथ है तो एक खेमा मोदी की वकालत करता है। खैर देखते हैं कि वर्चस्व की इस लड़ाई में बाजी किसके हाथ लगती है क्योंकि गडकरी जहां सर्वेसर्वा बनें हैं वहीं गुजरात के विधानसभा चुनावों में मोदी की साख दांव पर है। अगर भाजपा गुजरात की सत्ता में वापस आती है तो मोदी का कद गडकरी से बहुत बड़ा हो जायेगा जिससे आने वाले दिनों में भाजपा के अंदर काफी बड़े परिवर्तन होने की संभावना है।
गौरतलब है कि रविवार को भारत के मशहूर अधिवक्ता और सांसद राम जेठमलानी को भाजपा ने पार्टी से 6 सालों के लिए निलंबित कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने इस बात की जानकारी मीडिया को दी, आज इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है।












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