खत्म होगी एनसीआर में पानी की किल्लत

आखिरकार सितंबर 2008 में इस एनसीआर चैनल पर निर्माण कार्य शुरू हुआ। यह चैनल सोनीपत जिला के ककरोई गांव से शुरू होकर सोनीपत, रोहतक तथा झज्जर जिलों से गुजरती हुई गुड़गांव जिला के चंदु बुढेड़ा में खत्म होती है। चैनल की लम्बाई लगभग 71 किलोमीटर की है।
इस चैनल का ज्यादा हिस्सा, लगभग 600 क्यूसिक पानी, गुड़गांव तथा मानेसर को मिलेगा तथा शेष हिस्सा बहादुरगढ़, सांपला, बादली और खरखौदा में नई विकसित की जा रही टाऊनशिप को दिया जाएगा। इस एनसीआर चैनल पर कुल 56 पुल तथा कलवर्ट बनाए गए है। फिलहाल इस चैनल में 30 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है जो पूरा गुड़गांव जिला को मिल रहा है। चंदु बुढेड़ा गांव में बन रहे दूसरे जलघर का निर्माण पूरा होने के बाद इस चैनल में ज्यादा पानी छोड़ा जा सकेगा।
इस वाटर चैनल के बनने से भविष्य में जिला गुड़गांव को मौजूदा जलापूर्ति से लगभग 4 गुना अधिक जलापूर्ति की जा सकेगी और इस वाटर चैनल जलापूर्ति को मांग के अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है। इस चैनल के निर्माण से पहले गुड़गांव शहर की पेयजल आपूर्ति गुड़गांव वाटर सप्लाई चैनल तथा ट्यूबवैलों पर निर्भर थी। वर्तमान सरकार ने एनसीआर चैनल के निर्माण के साथ-साथ गुड़गांव वाटर सप्लाई चैनल की क्षमता भी 100 क्यूसिक से बढ़ाकर 175 क्यूसिक की है। गुड़गांव वाटर सप्लाई चैनल का पानी गांव बसई के निकट बने जलघर में स्टोर किया जाता है जहां पर इसको शोधित करके शहर में सप्लाई किया जाता है।
गुड़गांव में पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए मार्च, 2005 से लेकर सितम्बर, 2012 तक जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने ट्यूबवैल लगवाने, पेयजल, सीवरेज व बरसाती पानी निकासी और नहरी आधारित पेयजल व्यवस्था पर 4354.68 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा, वर्ष 2012-13 में सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट, सीवर लाईन, ट्यूबवैल लगाने और फरूखनगर में नहरी आधारित पेयजल व्यवस्था उपलब्ध करवाने पर 1575.09 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है। इसमें से गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र में 2597.18 लाख रुपये, बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में 941.60 लाख रुपये तथा पटौदी विधानसभा क्षेत्र में 815.90 लाख रुपये पेयजल आपूर्ति तथा सीवरेज व्यवस्था सुदृढ़ करने पर खर्च हुए है।












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